US-India Trade Deal पर अड़ी भारत सरकार, पीयूष गोयल बोले- टैरिफ फ्रेमवर्क तय होने के बाद ही होगी डील
New Delhi : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को लेकर अहम बयान दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों देशों के बीच “तुलनात्मक टैरिफ लाभ (Comparative Tariff Advantage)” का एक स्पष्ट फ्रेमवर्क तैयार नहीं होता, तब तक भारत-अमेरिका के बीच कोई व्यापार समझौता अंतिम रूप नहीं ले सकता।
अमेरिका के साथ फ्रेमवर्क पर बातचीत जारी
मंत्री गोयल ने बताया कि दोनों देशों के बीच इस समय ऐसे फ्रेमवर्क पर बातचीत चल रही है, जो भारतीय निर्यातकों को अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर बाजार बढ़त (competitive advantage) प्रदान कर सके।
उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि समझौते के बाद भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में उचित और लाभकारी टैरिफ संरचना मिले।
समझौता करीब, लेकिन शर्तें अहम
पीयूष गोयल के अनुसार, भारत और अमेरिका ने 6 फरवरी 2026 को व्यापार समझौते की व्यापक रूपरेखा पर सहमति बनाई थी। इसके बाद दोनों देशों की वार्ता टीमें इसके कानूनी और नीतिगत पहलुओं को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
उन्होंने कहा कि वार्ता अब उस चरण में है जहां डील लगभग अंतिम रूप के करीब है, लेकिन इसके लिए आवश्यक नीति ढांचा तैयार होना जरूरी है।
क्या है मुख्य मुद्दा?
- भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर टैरिफ लाभ देना
- व्यापार समझौते का कानूनी और नीति ढांचा तय करना
- दोनों देशों के बीच संतुलित और लाभकारी ट्रेड सिस्टम बनाना