तिरुपति लड्डू घोटाला: ED ने दर्ज की ECIR, 250 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू
Tirumala/New Delhi : तिरुमाला तिरुपति मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में मिलावट के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने मंगलवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है। यह कार्रवाई सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई है।
मुख्य आरोप
- डेयरी फर्मों और बिचौलियों ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के कुछ अधिकारियों को हवाला चैनलों के जरिए रिश्वत दी।
- घी के टेंडर और क्वालिटी क्लीयरेंस को प्रभावित करने के लिए यह रिश्वत दी गई।
- आरोप है कि वनस्पति तेलों और केमिकल्स के मिक्सचर को शुद्ध घी के रूप में बेचा गया।
- 250 करोड़ रुपये के फाइनेंशियल लेन-देन के लिए शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया।
ED अब पूरे मामले में मनी ट्रेल, हवाला नेटवर्क और शेल कंपनियों की भूमिका की गहन जांच करेगी।
चार्जशीट के मुख्य बिंदु
- 23 जनवरी 2026 को नेल्लोर जिले की अदालत में SIT ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें डेयरी कंपनियों के डायरेक्टरों समेत 36 आरोपियों के नाम हैं।
- मिलावट का दौर 2019 से 2024 तक का बताया जा रहा है, जब आंध्र प्रदेश में YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की सरकार थी।
राजनीतिक बयानबाजी
- वाईएसआरसीपी ने दावा किया कि SIT ने क्लीन चिट दे दी है, क्योंकि रिपोर्ट में साफ कहा गया कि घी में जानवरों की चर्बी नहीं मिलाई गई।
- लेकिन मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि किसी भी रिपोर्ट ने YSRCP को क्लीन चिट नहीं दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मिलावटी घी में बाथरूम क्लीनर का इस्तेमाल किया गया था।
- नायडू ने 5 फरवरी को घोषणा की थी कि एक कमेटी बनाई जाएगी, जो कमियों की पहचान करेगी और जिम्मेदारी तय करेगी। उन्होंने कहा कि कमेटी के रिव्यू के बाद सही कार्रवाई होगी।
ED की जांच का दायरा
- हवाला के जरिए रिश्वत का पैसा कैसे ट्रांसफर हुआ।
- शेल कंपनियों का इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क।
- TTD अधिकारियों की भूमिका और भ्रष्टाचार का पैसा कहां गया।
यह मामला भक्तों की आस्था से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील है। ED की जांच से आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।