ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा एक्शन, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने किया गिरफ्तार
ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा एक्शन, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने किया गिरफ्तार सीबीआई ने चर्चित ट्विशा डेथ केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रिटायर्ड जजगिरीबाला सिंह (Giribala Singh) को गिरफ्तार कर लिया है। गिरिबाला सिंह, मृतका Twisha Sharma की सास हैं। जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के कुछ ही घंटों बाद गुरुवार को CBI की टीम भोपाल स्थित उनके आवास पहुंची। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
कई घंटों तक चली पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने गिरिबाला सिंह से कई घंटों तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई की टीम भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उनके घर भी पहुंची, जहां जांच एजेंसी घटना से जुड़े तथ्यों को समझने के लिए वर्चुअल वॉकथ्रू तैयार कर रही है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु और उत्पीड़न से जुड़ी कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें दहेज मृत्यु से संबंधित धारा 80(2), विवाहित महिला के साथ क्रूरता से जुड़ी धारा 85 और संयुक्त आपराधिक दायित्व से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
बेटे समर्थ सिंह पहले से CBI हिरासत में
इस मामले में गिरिबाला सिंह के बेटे और पेशे से वकील Samarth Singh पहले से ही CBI की हिरासत में हैं। उन पर भी कथित दहेज उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि CBI ने हाल ही में यह जांच मध्य प्रदेश पुलिस से अपने हाथ में ली है।
हाईकोर्ट ने क्यों रद्द की जमानत?
महाधिवक्ता Prashant Singh ने कोर्ट में दलील दी कि गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया और जांच में सहयोग भी नहीं किया। इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने देर रात आदेश जारी कर उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी।
ट्विशा के शरीर पर मिली थीं 7 चोटें
महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश में ट्विशा शर्मा के शरीर पर 7 चोटों का उल्लेख किया गया है। अदालत ने माना कि ये सभी चोटें मृत्यु से पहले की थीं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि शव को उतारने या ले जाने के दौरान ऐसी चोटें आना संभव नहीं है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला किसी अपराध की ओर इशारा करता है।