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पुरी रथ यात्रा में भगदड़ जैसे हालात, दो श्रद्धालुओं की मौत; कई लोग बेहोश और घायल
 

 

पुरी: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई श्रद्धालुओं के बेहोश होने और घायल होने की खबर है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालांकि, प्रशासन ने भगदड़ की बात से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, भीड़ बढ़ने के कारण दम घुटने से एक महिला श्रद्धालु की मौत हुई, जबकि एक अन्य अलग घटना में 35 वर्षीय युवक की हार्ट अटैक से जान चली गई।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में से एक की पहचान क्योंझर निवासी अनिल दास के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर मारिचीकोट छक के पास पुलिस घेरे से करीब 100 फीट की दूरी पर भारी भीड़ के बीच सांस लेने में दिक्कत होने के बाद अनिल दास गिर पड़े। उन्हें तत्काल पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

यह घटना उस वक्त हुई, जब भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा देखने के लिए ग्रैंड रोड पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। अधिकारियों ने अभी तक उस स्थिति को लेकर विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, जिसके कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने की बात सामने आई।

ओडिशा के डीजीपी वाईबी खुरानिया ने बताया कि पुरी में रथ यात्रा के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उत्सव के दौरान 19 आईपीएस अधिकारियों के साथ करीब 13 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सीआरपीएफ, बीएसएस और आरएएफ समेत केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां रणनीतिक स्थानों पर तैनात हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन जैमर सिस्टम से जुड़े 473 एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों के जरिए दो कमान और नियंत्रण केंद्रों से ‘बड़ा डंडा’ और आसपास के इलाकों की निगरानी की जा रही है। भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा पुलिस की समुद्री पुलिस इकाई संयुक्त रूप से गश्त कर रही है। साथ ही क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) को भी तैनात किया गया है।