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UP SIR : क्या आपको भी मिला चुनाव आयोग का नोटिस? जानिए क्या करें, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी

 
लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अब तक की कार्रवाई और प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

3.26 करोड़ मामलों में नोटिस की कार्रवाई

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 1 करोड़ 4 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने अब तक अपनी मैपिंग नहीं कराई थी। वहीं 2 करोड़ 22 लाख मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों के आधार पर नोटिस भेजे गए हैं।

इस तरह कुल 3 करोड़ 26 लाख मामलों में से 3 करोड़ 25 लाख मतदाताओं को नोटिस जनरेट कर भेजे जा चुके हैं। अब तक 1 करोड़ 85 लाख नोटिस प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 1 करोड़ 15 लाख मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है। सुनवाई की प्रक्रिया को और तेज किया गया है।

हजारों अधिकारी जुटे, 4635 केंद्रों पर सुनवाई

नवदीप रिणवा ने बताया कि 13,161 अधिकारी सुनवाई प्रक्रिया में लगे हुए हैं। प्रदेश भर में 4,635 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है। यह सुनिश्चित किया गया है कि केंद्र आम जनता के नजदीक हों, ताकि किसी को असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) मतदाताओं के घर-घर जाकर नोटिस देंगे और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे।

रिश्तेदारों को भी दिया जा सकता है नोटिस

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मतदाता घर पर मौजूद नहीं है, तो बीएलओ उनके रिश्तेदारों को भी नोटिस सर्व कर सकते हैं।

तार्किक विसंगति वाले मामलों में आधार जैसे ‘प्रूफ ऑफ रिलेशनशिप’ दस्तावेज मान्य होंगे। वहीं नो-मैपिंग के मामलों में चुनाव आयोग द्वारा मान्य 13 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।

इसके अलावा फार्म-6 में जन्म प्रमाण के रूप में निर्धारित दस्तावेज मान्य होंगे और मैपिंग कराना अनिवार्य होगा।

प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धिकरण की यह प्रक्रिया लगातार जारी है और आयोग का दावा है कि इसे पारदर्शी व सुव्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा।