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UPI के 10 साल पूरे: 1.78 करोड़ से 24 हजार करोड़ ट्रांजैक्शन तक पहुंचा सफर, 11 देशों में बजा भारत के डिजिटल पेमेंट का डंका

भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI ने 25 अगस्त 2026 को 10 साल पूरे कर लिए। 2016 में 1.78 करोड़ सालाना ट्रांजैक्शन से शुरू हुआ UPI 2025-26 में 24,162 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन तक पहुंच गया। आज UPI 703 बैंकों के नेटवर्क और 11 देशों में अपनी पहचान बना चुका है।
 

नई दिल्ली: भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) ने आज 10 साल पूरे कर लिए हैं। 25 अगस्त 2016 को शुरू हुआ UPI अब देश में रोजमर्रा के भुगतान का सबसे अहम माध्यम बन चुका है। चाय-किराने की दुकान पर कुछ रुपये भेजने से लेकर बड़े कारोबारी लेनदेन तक, UPI ने भुगतान को तेज और आसान बनाया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट कर UPI की 10 साल की यात्रा और इसकी उपलब्धियों को याद किया।

PM मोदी ने UPI के 10 साल पूरे होने पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक दशक पहले UPI की शुरुआत ने भारत की डिजिटल पेमेंट यात्रा में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने UPI के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और देशभर में इसकी पहुंच को भारत के लिए गर्व का विषय बताया।

10 साल में 13 हजार गुना बढ़ा UPI का ट्रांजैक्शन

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, UPI की शुरुआत के बाद पहले वित्त वर्ष 2016-17 में सिर्फ 1.78 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 24,162 करोड़ से ज्यादा हो गया। यानी करीब एक दशक में UPI के सालाना ट्रांजैक्शन में लगभग 13,000 गुना की बढ़ोतरी हुई।

लेनदेन की रकम में भी बड़ा उछाल आया। 2016-17 में UPI से करीब ₹0.07 लाख करोड़ का भुगतान हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर लगभग ₹314 लाख करोड़ पहुंच गया।

जुलाई 2026 में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड

UPI का इस्तेमाल हर महीने बढ़ रहा है। मई 2026 में पहली बार एक महीने में 2,300 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए थे। मई में 2,320 करोड़ और जुलाई 2026 में 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। जुलाई का आंकड़ा UPI के एक दशक के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा मासिक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड रहा।

44 बैंकों से शुरू हुआ सफर, अब 703 बैंक जुड़े

UPI की पहुंच सिर्फ ट्रांजैक्शन तक सीमित नहीं रही। इसके नेटवर्क में शामिल बैंकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2016-17 में 44 बैंक UPI पर लाइव थे। 2025-26 तक इनकी संख्या बढ़कर 703 बैंक हो गई। इस विस्तार ने देश के छोटे शहरों, कस्बों और गांवों तक डिजिटल भुगतान की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

11 देशों तक पहुंचा भारत का UPI

UPI अब भारत की सीमाओं से बाहर भी अपनी पहचान बना चुका है। UAE, फ्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव समेत 11 देशों में UPI की सुविधा उपलब्ध है। IMF के मुताबिक, 2025 में वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी थी। यानी सिर्फ 10 साल में UPI भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का हिस्सा बनने से आगे बढ़कर दुनिया के प्रमुख रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म में अपनी जगह बना चुका है।