{"vars":{"id": "130921:5012"}}

सुप्रीम कोर्ट सख्त: जिम कॉर्बेट में पेड़ कटाई का पूरा हर्जाना भरेगी उत्तराखंड सरकार, अवैध निर्माण 3 महीने में ध्वस्त!

 

नई दिल्ली I सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तराखंड सरकार को जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हुए पर्यावरणीय नुकसान की पूरी क्षतिपूर्ति करने का सख्त निर्देश दिया। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में अवैध पेड़ कटाई और गैरकानूनी निर्माणों के खिलाफ शिकायत की गई थी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि कोर्ट द्वारा नियुक्त केंद्रीय सशक्त समिति (सीईसी) से परामर्श कर तीन महीने के अंदर सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना सुनिश्चित किया जाए।

अदालत ने स्पष्ट किया, “सीईसी उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार की गई पारिस्थितिक पुनर्स्थापन योजना की निगरानी करेगी।” साथ ही, राज्य सरकार को अवैध पेड़ कटाई की भरपाई के लिए तत्काल कदम उठाने का आदेश दिया गया। सीजेआई ने जोर देते हुए कहा, “अगर पर्यटन को बढ़ावा देना है, तो यह इको-टूरिज्म के रूप में होना चाहिए।” उन्होंने मुख्य इलाके में परिवारों से दूर कार्य करने वाले कर्मियों के लिए विशेष प्रावधान लाने का भी निर्देश दिया।

फैसले में टाइगर सफारी को लेकर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अदालत ने कहा, “टाइगर सफारी 2019 के नियमों के तहत होनी चाहिए। बचाव केंद्र स्थापित किए जाएं और उपचार-देखभाल में सहयोग सुनिश्चित हो। ये केंद्र सफारी के करीब हों तथा वाहनों की संख्या को नियंत्रित किया जाए।” बेंच ने तीन महीने के अंदर एक व्यापक बाघ संरक्षण योजना तैयार करने का भी आदेश दिया।