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उत्तराखंड पुलिस का कांस्टेबल धरने में पहुंचा, मंच से कहा- नौकरी छोड़ दूंगा, देश पहले
 

 

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति के शामिल होने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। वीडियो वायरल होने के बाद उसकी पहचान उत्तराखंड पुलिस के निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह के रूप में हुई है। मामले को लेकर दिल्ली से लेकर देहरादून तक पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।

वीडियो में शेर सिंह उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहने मंच पर नजर आ रहा है। इस दौरान उसने अपने पद से इस्तीफा देने का दावा करते हुए कहा, "जब देश ही नहीं बचेगा तो इस नौकरी का क्या करूंगा?" उसने यह भी कहा कि वह नौकरी छोड़कर "कॉकरोचों की रक्षा" करेगा। उसके इस बयान और वर्दी में प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

वर्दी पहनकर प्रदर्शन में पहुंचने पर उठे सवाल

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग यह पता लगाने में जुट गया है कि शेर सिंह किस तरह उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल तक पहुंचा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उसने सेवा नियमों का उल्लंघन किया है और वर्दी के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन किया गया या नहीं।

पहले भी रह चुका है विवादों में

जानकारी के मुताबिक, शेर सिंह मूल रूप से उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की का रहने वाला है। वह पहले पुलिस महानिरीक्षक (गढ़वाल) का गनर भी रह चुका है। वर्ष 2025 में उसे ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में उत्तराखंड पुलिस से निलंबित कर दिया गया था।

बताया जाता है कि वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहा है और भीम आर्मी से जुड़े वीडियो साझा करने को लेकर भी चर्चा में रहा है।

गिरफ्तारी का भी रहा है मामला

सूत्रों के अनुसार, नवंबर-दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 के दौरान शेर सिंह को देहरादून स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जमीन के लेन-देन से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर प्रवीण वाल्मीकि गैंग की मुखबिरी करने का भी आरोप लगाया गया था।