{"vars":{"id": "130921:5012"}}

सार्वजनिक सेवा वाहनों में वीएलटीडी अनिवार्य, कई नई कंपनियों और उपकरणों को मिली मंजूरी
 

 

लखनऊ। प्रदेश में सार्वजनिक सेवा वाहनों की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने वाहन लोकेशन ट्रैकिंग उपकरण (वीएलटीडी) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शासन ने एक जनवरी 2019 से पहले और बाद में पंजीकृत सार्वजनिक सेवा वाहनों में वीएलटीडी लगाने और उसे सक्रिय करने के लिए कई नई कंपनियों और उपकरण मॉडलों को मंजूरी दी है। साथ ही कुछ कंपनियों के कार्यक्षेत्र में संशोधन और बदलाव भी किए गए हैं।

परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से वाहन स्वामियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और उपकरण लगाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान होगी।

मंत्री के अनुसार, पीएसडीएन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के पीएसडीएन उपकरण को स्टेलेंटिस कंपनी के वाहनों में लगाने की अनुमति दी गई है। वहीं, एक्यूट कम्युनिकेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की एक्यूट-140 उपकरण को पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी के वाहनों के लिए मंजूरी प्रदान की गई है। इसके अलावा एपीएम ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड की ‘निर्भयान’ और एपीएम किंग्सट्रैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 1819001ए उपकरण को भी पीएमआई वाहनों में लगाने के लिए पंजीकृत किया गया है।

इनोवा हाईक्रॉस समेत कई मॉडलों में लगेगा उपकरण

परिवहन विभाग ने यूनो माइंडा लिमिटेड के उपकरण को टोयोटा इनोवा क्रिस्टा और इनोवा हाईक्रॉस में लगाने की अनुमति दी है। वहीं वीटीडी-12 उपकरण अब होंडा अमेज, टोयोटा रूमियन, अर्बन क्रूजर हाईराइडर और एमजी मोटर्स के कुछ मॉडलों में भी लगाया जा सकेगा।

इसके अलावा ब्लैकबॉक्स जीपीएस टेक्नोलॉजी और वाटसू एक्सप्रेस के उपकरणों को फोर्स मोटर्स और बीएमडब्ल्यू इंडिया के वाहनों में लगाने की मंजूरी दी गई है। विभाग ने ट्रैकनाउ और ट्रायंगल इन्फोटेक के अभिलेखों में वाहन निर्माताओं के नामों में भी संशोधन किया है।

हुंडई को सूची से हटाया गया

परिवहन विभाग ने हुंडई वाहनों को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया है। हुंडई कंपनी द्वारा इवरीडे ऑटोटेक का प्राधिकार पत्र निरस्त किए जाने के बाद शासन ने तत्काल प्रभाव से हुंडई को अधिकृत सूची से हटा दिया है। विभाग ने सभी क्षेत्रीय और उपक्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वीएलटीडी उपकरण केवल अधिकृत कंपनियों से ही लगवाए जाएं।