नदी किनारे कैसे पहुंचे सैकड़ों वोटर कार्ड? खरगोन में कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रशासन ने शुरू की जांच
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी किनारे सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड मिले। शुरुआती जानकारी में इनके इंदौर की राऊ विधानसभा से जुड़े होने की बात सामने आई है। कांग्रेस ने FIR और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मध्य प्रदेश: खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के घाट के पास बड़ी संख्या में वोटर आईडी कार्ड मिलने से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये कार्ड इंदौर की राऊ विधानसभा सीट के मतदाताओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने मामले में एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन ने कार्ड जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सफाई अभियान के दौरान मिले वोटर आईडी कार्ड
यह मामला रविवार सुबह सामने आया, जब निस्वार्थ सेवा समिति के सदस्य मंडलेश्वर में नर्मदा घाट की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान नदी किनारे और पानी में वोटर आईडी कार्ड दिखाई दिए। कार्ड मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।
अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और बरामद कार्डों का रिकॉर्ड तैयार कर उन्हें जब्त कर लिया। शुरुआती रिपोर्टों में कार्डों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई। प्रशासन ने बताया कि सटीक संख्या और कार्ड वहां कैसे पहुंचे, इसकी पुष्टि जांच के बाद होगी।
इंदौर की राऊ विधानसभा के मतदाताओं से जुड़े होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बरामद कार्ड इंदौर जिले की राऊ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से संबंधित बताए जा रहे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये कार्ड नर्मदा नदी के किनारे कैसे पहुंचे और इन्हें वहां किसने छोड़ा।
महेश्वर की एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने कार्ड मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच के लिए तहसीलदार को भेजा गया है। जांच के बाद ही इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी। अधिकारियों ने कहा है कि मामले में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने थाने पहुंचकर की FIR की मांग
वोटर आईडी कार्ड मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडलेश्वर थाने के बाहर प्रदर्शन किया। खरगोन जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
रवि नाईक ने सवाल उठाया कि इंदौर के मतदाताओं से जुड़े कार्ड इतनी बड़ी संख्या में खरगोन जिले के मंडलेश्वर तक कैसे पहुंचे। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस ने इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई है। हालांकि, अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और प्रशासन कर रहे जांच
मंडलेश्वर की पुलिस अधिकारी श्वेता शुक्ला के मुताबिक, नर्मदा घाट की सफाई के दौरान कार्ड मिलने की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। कार्डों का रिकॉर्ड तैयार कर उन्हें जब्त किया गया है। पुलिस को इस संबंध में लिखित शिकायत भी मिली है और थाना प्रभारी को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
फिलहाल जांच का मुख्य सवाल यही है कि वोटर आईडी कार्ड नदी किनारे कैसे पहुंचे, वे कब वहां लाए गए और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।