{"vars":{"id": "130921:5012"}}

विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दिया इस्तीफा

 
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद राज्य की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि अभी तक इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।

नवंबर 2022 में बने थे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

डॉ. सीवी आनंद बोस को 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उनसे पहले ला गणेशन मणिपुर के राज्यपाल रहते हुए अतिरिक्त प्रभार के तौर पर पश्चिम बंगाल के गवर्नर का कार्यभार संभाल रहे थे।

बोस को उस समय पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया था, जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भारत का उपराष्ट्रपति चुना गया था। इसके बाद राज्यपाल पद की जिम्मेदारी सीवी आनंद बोस को सौंपी गई थी।

कौन हैं सीवी आनंद बोस?

सीवी आनंद बोस वर्ष 1977 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। वह केरल के कोट्टायम जिले के निवासी हैं। प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ वह एक प्रसिद्ध लेखक भी हैं। अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी भाषाओं में उनकी करीब 40 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।

अपने बौद्धिक योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वह उस कार्यकारी समूह के अध्यक्ष भी रहे, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के लिए विकास से जुड़ा एजेंडा तैयार किया था।

किफायती आवास को लेकर उनका प्रस्तावित मॉडल भी काफी चर्चित रहा, जिसे बाद में केंद्र सरकार ने “सभी के लिए किफायती आवास” की नीति में शामिल किया।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक चर्चा

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यपाल के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि केंद्र सरकार अगला राज्यपाल किसे नियुक्त करती है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।