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60 साल में क्यों नहीं खत्म हुआ नक्सलवाद...लोकसभा में अमित शाह का विपक्ष पर तीखा हमला

 

नई दिल्ली। लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से जूझता रहा, लेकिन अब हालात में बड़ा बदलाव आया है और बस्तर जैसे इलाकों में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है।

“सत्ता के लिए आदिवासियों को भड़काया गया”

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद को बढ़ावा मिला और सत्ता हासिल करने के लिए आदिवासियों को भड़काया गया।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज वर्षों से चाहता था कि उनकी पीड़ा और समस्याएं संसद में उठाई जाएं, लेकिन उन्हें लंबे समय तक यह अवसर नहीं मिला।

लोकसभा में उठाया 1970 से 2026 तक का मुद्दा

अमित शाह ने कहा कि 1970 से लेकर 2026 तक नक्सलवाद एक बड़ी समस्या बना रहा, और अब इस पर संसद में गंभीर चर्चा होना सकारात्मक संकेत है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग आज नक्सलवाद पर बोल रहे हैं, वे बताएं कि इतने वर्षों में यह समस्या खत्म क्यों नहीं हो पाई और बस्तर जैसे इलाके विकास से क्यों पीछे रह गए।

विपक्ष पर सीधा हमला

गृह मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग नक्सलवाद का समर्थन करते नजर आते हैं, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे संविधान में विश्वास रखते हैं या नहीं।

उन्होंने कहा कि देश की व्यवस्था संविधान के अनुसार ही चलेगी और हथियार उठाकर व्यवस्था को चुनौती देना स्वीकार्य नहीं है।

विकास और जिम्मेदारी पर उठाए सवाल

अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद 75 वर्षों में से करीब 60 साल तक विपक्षी दलों ने शासन किया, फिर भी आदिवासी क्षेत्रों में विकास क्यों नहीं पहुंचा।

उन्होंने यह भी कहा कि करोड़ों लोग गरीबी में जीवन जीते रहे, हजारों युवाओं की जान गई और कई लोग दिव्यांग हो गए—इन सबके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

“अब बदले हैं हालात”

गृह मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और नक्सलवाद पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर समाधान पर ध्यान दिया जाए।