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क्यों व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचे तेजस्वी यादव, बजट सत्र के पहले दिन मचा हलचल

 

बिहार विधानसभा में सोमवार से बजट सत्र की शुरुआत हो गई। सत्र के पहले ही दिन उस वक्त सबकी नजरें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर टिक गईं, जब वे व्हीलचेयर पर बैठकर सदन में पहुंचे। तेजस्वी यादव को इस हालत में देखकर सदन से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चाएं तेज हो गईं कि आखिर उन्हें क्या हुआ है।

दरअसल, तेजस्वी यादव की तबीयत को लेकर अब पूरी तस्वीर साफ हो गई है। जानकारी के मुताबिक, बीते 25 जनवरी को उन्हें ठोकर लग गई थी, जिससे उनके पैर के अंगूठे का नाखून उखड़ गया। चोट गंभीर होने के कारण उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है। इसी वजह से वे कुछ लोगों की मदद से व्हीलचेयर पर बैठकर विधानसभा पहुंचे।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से भी इस संबंध में जानकारी साझा की गई है। पार्टी के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, तेजस्वी यादव फिलहाल चिकित्सकीय देखरेख में हैं और डॉक्टरों की सलाह पर ही वे सावधानी बरत रहे हैं।

बजट सत्र को लेकर RJD का सरकार पर हमला

बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। तेजस्वी यादव के भाई और RJD नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार की हर गलत नीति का जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने NEET छात्रा की मौत के मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर असमंजस में है और सत्तारूढ़ दल के बड़े नेताओं के परिवार की भूमिका को छिपाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े सवालों को सदन में मजबूती से उठाया जाएगा।

‘जब तक जवाब नहीं, सदन नहीं चलेगा’

बजट सत्र से पहले ही RJD ने साफ कर दिया था कि वह NEET छात्रा मौत मामले को लेकर सरकार को घेरने वाली है। पार्टी के प्रधान महासचिव और विधायक रणविजय साहू ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले पर सदन में स्पष्ट जवाब नहीं देंगे, तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा।

RJD नेताओं का आरोप है कि इस मामले में सत्ता पक्ष के नेताओं की संलिप्तता है और इसलिए लीपापोती की जा रही है। उन्होंने CBI जांच के नाम पर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया और कहा कि असली दोषियों को बचाया जा रहा है। पार्टी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का दावा किया है और बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।

बजट सत्र के पहले दिन ही तेजस्वी यादव की मौजूदगी और विपक्ष के तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार विधानसभा में सियासी घमासान तेज रहने वाला है।