महिलाओं को मिलेगा संसद में 33% आरक्षण, पीएम मोदी बोले—देश को नई दिशा देने जा रहे
नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी ने संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा करते हुए इसे 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण विधेयक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार देश को नई दिशा देने और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए दृढ़ संकल्पित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं की भागीदारी को राजनीति में बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विशेष सत्र में महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक की जा सकती है। यह परिसीमन अंतिम प्रकाशित जनगणना के आधार पर किया जाएगा।
इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर आवंटित की जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।