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10% ब्याज नहीं मिलेगा! EPF को लेकर सरकार का बड़ा बयान आया सामने

 

New Delhi : कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के करोड़ों खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चल रही उन अटकलों पर अब विराम लग गया है, जिनमें EPF पर ब्याज दर को 10% तक बढ़ाने की बात कही जा रही थी। केंद्र सरकार ने इन दावों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

संसद के हालिया सत्र में श्रम और रोज़गार मंत्रालय से जब इस विषय पर सवाल पूछा गया, तो सरकार ने लिखित जवाब में कहा कि EPF की ब्याज दर को 10% तक बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

कैसे तय होती है ब्याज दर?

सरकार ने स्पष्ट किया कि EPF की ब्याज दरें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज द्वारा तय की जाती हैं। यह दर फंड की सालाना आय और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न के आधार पर निर्धारित होती है।

मौजूदा ब्याज दर

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज दर तय की गई है, जो पिछले कुछ वर्षों में अपेक्षाकृत बेहतर मानी जा रही है।

पिछले वर्षों की ब्याज दरें

- 2023-24: 8.25%

- 2022-23: 8.15%

- 2021-22: 8.10%

- 2020-21: 8.50%

क्यों उठी 10% ब्याज की मांग?

बढ़ती महंगाई और बेहतर रिटर्न की उम्मीद के चलते कई कर्मचारी संगठनों ने EPF ब्याज दर को दो अंकों में ले जाने की मांग की थी। हालांकि सरकार का कहना है कि EPFO को अपनी आय और देनदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना होता है, इसलिए दरों में बड़ा बदलाव फिलहाल संभव नहीं है।

क्या है सरकार का रुख?

सरकार के अनुसार, मौजूदा ब्याज दरें अन्य बचत योजनाओं की तुलना में सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी हैं। ऐसे में निकट भविष्य में EPF ब्याज दर में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम नजर आ रही है।

इस स्पष्टीकरण के बाद साफ हो गया है कि 10% ब्याज दर को लेकर चल रही खबरें महज अटकलें थीं।