{"vars":{"id": "130921:5012"}}

TMC के 20 सांसद और 50 विधायक छोड़ सकते हैं ममता बनर्जी का साथ, BJP सांसद सौमित्र खान का बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर बगावत की अटकलें तेज हो गई हैं। बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने दावा किया है कि TMC के 20 सांसद और 50 विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। चुनावी झटके के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में अंदरूनी कलह की चर्चाएं तेज हैं।

 

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। विधानसभा चुनाव में झटका लगने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बगावत और टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा सांसद सौमित्र खान के बड़े दावे ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है।

बीजेपी सांसद ने दावा किया है कि टीएमसी के कई सांसद और विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

BJP सांसद सौमित्र खान का बड़ा दावा

बांकुरा से भाजपा सांसद सौमित्र खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि TMC के भीतर भारी असंतोष है और पार्टी के कई नेता नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं।

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि- टीएमसी के 29 में से करीब 20 सांसद और 80 में से लगभग 50 विधायक बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार हैं। अब फैसला सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होना बाकी है। सौमित्र खान ने यह भी कहा कि दिल्ली से संकेत मिलते ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

TMC में शुरू हुई बगावत?

भाजपा सांसद के बयान के बीच टीएमसी के अंदर असंतोष की खबरें भी सामने आने लगी हैं। बारासात से TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार का एक कार्यक्रम में शामिल होना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कुछ विधायकों के साथ प्रशासनिक बैठक में हिस्सा लिया, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं। सूत्रों के अनुसार, उनके साथ कई टीएमसी विधायक भी मौजूद थे। इस घटनाक्रम को पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

100 से ज्यादा काउंसलरों के इस्तीफे का दावा

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि हाल के दिनों में टीएमसी के कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पार्टी से दूरी बनाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभिन्न नगर निकायों और स्थानीय इकाइयों से कई पार्षदों के इस्तीफे सामने आए हैं। डायमंड हार्बर इलाके में भी पार्टी को झटका लगने की खबरें हैं। हालांकि, इन दावों पर TMC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या बंगाल में बदलने वाला है राजनीतिक समीकरण?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर बड़े स्तर पर नेताओं का दल बदल होता है, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

बीजेपी लगातार राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जबकि टीएमसी अपने संगठन को मजबूत बनाए रखने में जुटी हुई है। फिलहाल सभी की नजरें आने वाले दिनों के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।

TMC के लिए क्यों अहमहै यह संकट?

ममता बनर्जी की पार्टी लंबे समय से पश्चिम बंगाल की सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है। लेकिन हाल के दिनों में भ्रष्टाचार के आरोप, केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और संगठन के भीतर असंतोष जैसी चुनौतियों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में बीजेपी नेताओं के दावों ने राज्य की राजनीति का तापमान और बढ़ा दिया है।