दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बड़ी बैठक, सोनिया-राहुल से ममता-अखिलेश तक एक साथ, 5 बड़े फैसलों का ऐलान
INDIA Alliance Meeting: विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक ने रविवार को राजधानी दिल्ली में अपनी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले समेत 25 राजनीतिक दलों के 34 नेताओं ने हिस्सा लिया। निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और करीब दो घंटे तक चली। इसके बाद INDIA गठबंधन के नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।
पांच प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि INDIA गठबंधन ने पांच अहम मुद्दों पर एकजुट होकर आगे की रणनीति तय की है।
1. SIR मुद्दे पर CJI को पत्र
गठबंधन ने निर्णय लिया है कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े मुद्दे को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र भेजा जाएगा।
2. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
बैठक में विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। गठबंधन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाने का फैसला किया।
3. महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे
INDIA ब्लॉक ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।
4. अगली बैठक हैदराबाद में
गठबंधन की अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित की जाएगी। साथ ही निर्णय लिया गया कि INDIA ब्लॉक की बैठक अब हर दो महीने में नियमित रूप से होगी।
5. संसद सत्र के दौरान रोजाना रणनीतिक बैठक
संसद सत्र के दौरान विपक्षी दलों के नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में प्रतिदिन बैठक करेंगे ताकि संसद के भीतर समन्वित रणनीति के साथ सरकार को घेरा जा सके।
"संविधान पर हमले जारी हैं" : खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के दौरान कहा कि देश में संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकजुटता ही लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा कर सकती है। खरगे ने 17 अप्रैल 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने लोकसभा में एकजुट होकर परिसीमन से जुड़े विधेयकों को पारित नहीं होने देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और इसी एकता को आगे भी मजबूत करना जरूरी है।
25 दलों के नेता हुए शामिल
खरगे ने बताया कि बैठक में 25 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता हेमंत सोरेन और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट), वामपंथी दलों समेत कई क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
INDIA ब्लॉक को पिछले तीन वर्षों में लगे झटके
INDIA गठबंधन का गठन 2023 में लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी एकता के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि पिछले तीन वर्षों में गठबंधन को कई राजनीतिक झटके भी लगे हैं।
जनता दल यूनाइटेड (JDU) लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान गठबंधन से अलग हो गई थी। इसके बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली और हरियाणा विधानसभा चुनावों के दौरान अलग राह पकड़ ली। वहीं हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद डीएमके के भी गठबंधन से दूरी बनाने की चर्चाएं तेज हुई हैं।
विपक्षी एकता पर रहेगा फोकस
दिल्ली बैठक के जरिए INDIA गठबंधन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि विपक्षी दल अब भी साझा मुद्दों पर एकजुट हैं। आने वाले संसद सत्र, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हैदराबाद में होने वाली अगली बैठक विपक्ष की भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।