{"vars":{"id": "130921:5012"}}

5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आज, महाराष्ट्र से नागालैंड तक किसे मिलेगा जनता का साथ 

देश के पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज घोषित होंगे। महाराष्ट्र की बारामती सीट से लेकर कर्नाटक, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा तक कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। इन चुनावों के परिणाम कई बड़े राजनीतिक समीकरण तय कर सकते हैं।

 

By-election results: देश की राजनीति में आज अहम दिन है, क्योंकि पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। इन सीटों पर मतदान दो चरणों, 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को कराया गया था। ज्यादातर सीटें मौजूदा विधायकों के निधन के बाद खाली हुई थीं, जिसके चलते यह चुनाव काफी संवेदनशील और प्रतिष्ठा से जुड़ा माना जा रहा है।

इन उपचुनावों के नतीजे न केवल स्थानीय सियासत बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक दलों की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर महाराष्ट्र की बारामती सीट पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

महाराष्ट्र: बारामती बनी सबसे हॉट सीट

महाराष्ट्र की दो सीटों, बारामती और राहुरी पर उपचुनाव हुए हैं। इनमें बारामती सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है, जिसे पवार परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार यहां से उम्मीदवार हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस सीट पर वे किसी बड़े दल की इकलौती उम्मीदवार हैं, जबकि उनके सामने 22 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं।

वहीं राहुरी सीट पर भाजपा के अक्षय करदिले और एनसीपी (शरद पवार गुट) के गोविंद मोकाटे के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।

कर्नाटक: दो सीटों पर कड़ा मुकाबला

कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण सीट पर उपचुनाव हुए। ये सीटें कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों के निधन के कारण खाली हुई थीं।

बागलकोट में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है, जबकि दावणगेरे दक्षिण में भी मुकाबला बेहद रोचक बना हुआ है। दोनों सीटों पर नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।

गुजरात: उमरेठ सीट पर सीधी भिड़ंत

गुजरात के आनंद जिले की उमरेठ सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। भाजपा ने दिवंगत विधायक के बेटे हर्षद परमार को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने भृगुराजसिंह चौहान पर दांव लगाया है।

यह सीट राज्य की राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने के लिहाज से दोनों दलों के लिए अहम मानी जा रही है।

नागालैंड: कोरिडांग सीट पर बहुकोणीय मुकाबला

नागालैंड की कोरिडांग सीट पर छह उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां भाजपा उम्मीदवार दाओचियर आई. इमचेन को सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन हासिल है।

कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल भी इस सीट पर मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय से बहुकोणीय हो गया है।

त्रिपुरा: धर्मनगर सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष

त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच कड़ी टक्कर है। यह सीट लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संघर्ष का केंद्र रही है।

इस बार का मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि तीनों दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

गोवा सीट पर चुनाव रद्द

गोवा की पोंडा सीट पर उपचुनाव निर्धारित था, लेकिन मतदान से कुछ घंटे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद इसे रद्द कर दिया गया।

क्यों अहम हैं ये नतीजे?

इन उपचुनावों के परिणाम आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। कई राज्यों में यह सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के लिए ‘सेमीफाइनल’ की तरह देखा जा रहा है। अब सबकी नजरें नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि किस दल की पकड़ मजबूत हुई और किसे झटका लगा।