पूर्व IAS दिव्या मित्तल 15 अक्टूबर को कर सकती हैं बड़ा ऐलान, मिर्जापुर से तय होगा अगला कदम
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल 15 अक्टूबर को मिर्जापुर से अपने राजनीतिक सफर के अगले कदम का ऐलान करेंगी। उन्होंने किसी मौजूदा पार्टी में शामिल होने से इनकार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा भी इसी दिन प्रस्तावित है। जानिए दिव्या मित्तल की रणनीति और राजनीतिक भविष्य से जुड़े अहम सवाल।
Divya Mittal Political News: उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बनाने वाली पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल अब अपने राजनीतिक सफर की अगली दिशा स्पष्ट करने जा रही हैं। उन्होंने 15 अक्टूबर को मिर्जापुर से अपने अगले कदम का ऐलान करने की तैयारी की है। खास बात यह है कि इसी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी मिर्जापुर दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में दिव्या मित्तल के ऐलान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने अभी तक यह नहीं बताया है कि वह अपने राजनीतिक अभियान को किस रूप में आगे बढ़ाएंगी।
किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगी दिव्या मित्तल
दिव्या मित्तल पहले ही साफ कर चुकी हैं कि वह राजनीति में कदम रखने के लिए किसी मौजूदा राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं और सवालों को उठाने की बात कही है। ऐसे में 15 अक्टूबर को होने वाला उनका ऐलान इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि वह अपने विचारों को जमीन पर उतारने के लिए किस तरह की रणनीति अपनाती हैं।
इससे पहले 29 सितंबर को उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि उनका उद्देश्य केवल नेता बनना नहीं, बल्कि राजनीति के जरिए बदलाव लाना है। वह ऐसे लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने के बावजूद अनसुनी रह जाती हैं।
मिर्जापुर से क्यों शुरू कर रही हैं राजनीतिक सफर?
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से पुराना प्रशासनिक जुड़ाव रहा है। वह यहां जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर काम किया था। इसी वजह से स्थानीय लोगों के बीच उनकी पहचान बनी।
हाल के दिनों में मिर्जापुर पहुंचने पर समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। नवरात्र के दौरान उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दर्शन भी किए। स्वागत के दौरान लोगों के उत्साह को देखकर वह भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि मिर्जापुर के लोग उन्हें बार-बार भावुक कर देते हैं।
उनकी लगातार सार्वजनिक मौजूदगी और स्थानीय लोगों से मुलाकातों को उनके राजनीतिक अभियान की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है।
15 अक्टूबर को योगी आदित्यनाथ भी रहेंगे मिर्जापुर में
दिव्या मित्तल के ऐलान की तारीख इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी 15 अक्टूबर को मिर्जापुर दौरा प्रस्तावित है। दोनों के कार्यक्रम एक ही दिन होने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, केवल एक ही दिन और जिले में कार्यक्रम होने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि दिव्या मित्तल मुख्यमंत्री या भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने अपने बयान में ऐसी कोई बात नहीं कही है। फिलहाल उनके ऐलान और राजनीतिक रणनीति को लेकर स्पष्ट जानकारी का इंतजार है।
कांग्रेस और अन्य दलों में शामिल होने की अटकलों पर क्या है स्थिति?
IAS से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। कांग्रेस में शामिल होने और राहुल गांधी से मुलाकात की अटकलें भी सामने आई थीं। हालांकि, दिव्या मित्तल ने किसी मौजूदा राजनीतिक दल में शामिल होने की संभावना से इनकार किया है।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने पहले कहा था कि यदि दिव्या मित्तल चुनाव लड़ना चाहती हैं और समाज के लिए काम करना चाहती हैं, तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। इसके बावजूद दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक राह को किसी स्थापित दल से अलग रखने की बात कही है।
कौन हैं पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA किया है। सिविल सेवा में आने से पहले वह लंदन में काम कर चुकी हैं।
अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों और विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं। वह मिर्जापुर, देवरिया और संत कबीर नगर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान दूरस्थ गांव लहुरिया दह तक पेयजल पहुंचाने की पहल भी चर्चा में रही थी।
उन्होंने 30 अगस्त 2026 को IAS सेवा से इस्तीफा दिया था। इसके बाद 29 सितंबर को राजनीति में आने की घोषणा की। अब 15 अक्टूबर को उनके अगले कदम के ऐलान पर सबकी निगाहें हैं।
क्या नई पार्टी बनाएंगी दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह जनता के बीच अपनी राजनीतिक पहल को किस रूप में आगे बढ़ाएंगी। क्या वह नया संगठन बनाएंगी, स्वतंत्र राजनीतिक मंच खड़ा करेंगी या अपने अभियान की शुरुआत किसी दूसरे तरीके से करेंगी, इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
उन्होंने पहले स्पष्ट किया है कि वह किसी मौजूदा राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होना चाहतीं। ऐसे में 15 अक्टूबर का ऐलान उनके राजनीतिक विजन, संगठन और भविष्य की रणनीति को समझने के लिहाज से अहम होगा।