99 साल के हुए लालकृष्ण आडवाणी, BJP मुख्यालय में होगा हवन, दिखेगा उनका राजनीतिक सफर
लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर भाजपा दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय में विशेष पूजा और हवन आयोजित करेगी। कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रतिभा आडवाणी शामिल होंगे। इस दौरान आडवाणी के राजनीतिक सफर, पार्टी में योगदान और सार्वजनिक जीवन पर विशेष वीडियो प्रस्तुति भी दिखाई जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर पार्टी ने विशेष कार्यक्रम की तैयारी की है। 8 नवंबर को दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में पूजा-पाठ और हवन का आयोजन किया जाएगा। इसमें आडवाणी की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाएगी। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को हुआ था। इस बार जन्मदिन के साथ वह अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। कार्यक्रम के दौरान उनके राजनीतिक सफर और भारतीय राजनीति में योगदान को भी याद किया जाएगा।
BJP मुख्यालय में सुबह 10 बजे से शुरू होगा कार्यक्रम
भाजपा की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे पूजा और हवन के साथ होगी। इसमें आडवाणी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की जाएगी। इसके बाद उनके जीवन और राजनीतिक यात्रा पर आधारित करीब 20 मिनट की विशेष वीडियो प्रस्तुति दिखाई जाएगी।
इस प्रस्तुति में उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों और प्रमुख भाषणों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता भी आडवाणी के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे और उनके राजनीतिक योगदान पर विचार रखेंगे।
कार्यक्रम में आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी संबोधित करेंगे। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपना संबोधन देंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया जाएगा।
हाल ही में सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में हुए थे भर्ती
आडवाणी का जन्मदिन ऐसे समय में मनाया जा रहा है, जब हाल के महीनों में उनकी तबीयत को लेकर चिंताएं सामने आई थीं। उन्हें सीने में संक्रमण के इलाज के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 19 अक्टूबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी।
इससे पहले मई में भी उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वर्ष 2024 में भी उन्हें कई बार अपोलो अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। दिसंबर 2024 में उन्हें गहन चिकित्सा की जरूरत पड़ी थी। इसके बाद 25 दिसंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 7 अक्टूबर को दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात की थी और उनका आशीर्वाद लिया था। प्रधानमंत्री ने उस मुलाकात के बाद आडवाणी के दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन और देश के लिए उनके योगदान की सराहना की थी।
भाजपा के विस्तार में रही अहम भूमिका
लालकृष्ण आडवाणी को भाजपा के सबसे प्रमुख और वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है। उनका जन्म अविभाजित भारत के कराची में हुआ था। वर्ष 1947 में विभाजन के दौरान वह भारत आ गए थे। उन्होंने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ से जुड़कर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। भारतीय जनसंघ को ही आगे चलकर भाजपा का पूर्ववर्ती संगठन माना गया।
आडवाणी भाजपा के तीन बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और राजनीतिक पहचान मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह राम जन्मभूमि आंदोलन के भी प्रमुख चेहरों में शामिल थे।
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में उन्होंने गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वर्ष 2002 से 2004 तक देश के उप प्रधानमंत्री रहे। वह सात बार लोकसभा और चार बार राज्यसभा के सदस्य भी चुने गए।
2024 में मिला था भारत रत्न
लालकृष्ण आडवाणी को मार्च 2024 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली स्थित उनके आवास पर जाकर उन्हें यह सम्मान प्रदान किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
भाजपा ने आडवाणी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम को उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, पार्टी के प्रति समर्पण और संगठन निर्माण में योगदान को याद करने का अवसर बताया है। पार्टी का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं के विचार और उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।