Nandigram By Election: ममता बनर्जी ने कांग्रेस को दिया समर्थन, अपना उम्मीदवार हटने के बाद किया बड़ा ऐलान
Nandigram By Election: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। इसके कुछ ही घंटे बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि उनका गुट अब नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा और अपनी ओर से कोई नया प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारेगा।
ममता बनर्जी ने इसे विपक्षी दलों के बीच एकजुटता से जोड़ते हुए कहा कि उनका पूरा समर्थन INDIA गठबंधन के साथ है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
ममता के उम्मीदवार ने क्यों वापस लिया नाम?
ममता बनर्जी के गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस लिया। नामांकन वापसी की आखिरी तारीख से एक दिन पहले हुए इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी।
नामांकन वापस लेने से पहले संचिता प्रधान डे ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय स्थित नबन्ना में मुलाकात की थी। उनके साथ उनके पति सत्यजीत भी मौजूद थे। शुरुआत में इस मुलाकात को औपचारिक या शिष्टाचार भेंट बताया गया था, लेकिन इसके बाद उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने से इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।
सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम से मौजूदा विधायक रहे हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
ममता बोलीं- कांग्रेस उम्मीदवार का करेंगे समर्थन
संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने साफ किया कि उनका गुट नंदीग्राम में कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगा। इसके बजाय कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया जाएगा।
ममता ने कहा कि यह फैसला INDIA गठबंधन के प्रति एकजुटता का संदेश है। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। ममता के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनसे एक दिन पहले फोन पर बात की थी, जबकि आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी समर्थन का संदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे और उनका पूरा समर्थन INDIA गठबंधन के साथ है।
TMC के दोनों गुटों के बीच चल रहा विवाद
नंदीग्राम उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद चल रहा है।
ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के दावे के बीच चुनाव आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस का पारंपरिक नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न फिलहाल रोक दिया है। दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न चुनने को कहा गया था।
इसके बाद चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को फुटबॉल खिलाड़ी का चुनाव चिह्न और रितब्रत बनर्जी के गुट को लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया।
पहले ममता गुट ने संचिता को बनाया था उम्मीदवार
इससे पहले 13 सितंबर को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार घोषित किया था। वहीं रेजीनगर विधानसभा सीट से रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा गया था।
उस समय भी ममता बनर्जी के नंदीग्राम से खुद चुनाव लड़ने की अटकलें थीं, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने के बजाय संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था। नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।
अब नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी के गुट ने नंदीग्राम में अपने उम्मीदवार को बदलने के बजाय कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन का फैसला किया है।
ममता ने अपने बयान में बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका गुट नंदीग्राम में नया उम्मीदवार नहीं उतारेगा। इस फैसले के बाद उपचुनाव में विपक्षी खेमे की रणनीति में बदलाव हुआ है।
नंदीग्राम उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी सीट से 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम सीट खाली कर दी थी, जिसके बाद यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।