किताबों की गलतियों पर ओडिशा सरकार घिरी, नवीन पटनायक ने शिक्षा मंत्री को घेरा, जानिए वजह
Odisha Textbook Errors: ओडिशा के सरकारी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में सामने आई कई गंभीर गलतियों को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि जब बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी किताबों में बार-बार गंभीर गलतियां सामने आ रही हैं, तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।
नवीन पटनायक ने सरकार पर साधा निशाना
नवीन पटनायक ने कहा कि पिछले कुछ समय में सरकारी स्कूलों की कई किताबों में तथ्यात्मक और भाषा संबंधी गलतियां सामने आई हैं। उनके मुताबिक ऐसी चूक छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर डालती है और उन्हें गलत जानकारी मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में जवाबदेही तय होना जरूरी है। पटनायक ने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उदाहरण अपनाते हुए नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बीजू जनता दल (BJD) पिछले दो से तीन सप्ताह से लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है और सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहा है।
किताबों में क्या-क्या गलतियां मिलीं?
हाल ही में ओडिशा की कई स्कूली पाठ्यपुस्तकों में अलग-अलग तरह की गलतियां सामने आईं। इनमें-
- वर्तनी और व्याकरण की त्रुटियां,
- तथ्यात्मक गलतियां,
- ऐतिहासिक जानकारियों में चूक,
- शब्दों और वाक्यों की गलत छपाई, जैसी कमियां शामिल हैं।
इन गलतियों के कारण छात्रों और शिक्षकों को पढ़ाई के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा। अभिभावकों ने भी चिंता जताई कि बच्चों को सही और प्रमाणिक जानकारी मिलनी चाहिए।
BJD ने शिक्षा विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
बीजू जनता दल ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग ने किताबों के प्रकाशन से पहले उनकी ठीक से जांच नहीं कराई। इसी वजह से बड़ी संख्या में त्रुटियों वाली पुस्तकें छात्रों तक पहुंच गईं।
पार्टी का कहना है कि यह केवल छपाई की गलती नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही है, जिसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
सरकार ने सुधार का भरोसा दिया
विवाद बढ़ने के बाद सरकार की ओर से कहा गया है कि पाठ्यपुस्तकों में सामने आई गलतियों को सुधारा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हालांकि विपक्ष का कहना है कि केवल सुधार का आश्वासन काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होनी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पाठ्यपुस्तकों में लगातार सामने आ रही गलतियों के बाद ओडिशा में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूली किताबों की तैयारी और जांच की प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि छात्रों तक सही और भरोसेमंद जानकारी पहुंच सके।
फिलहाल यह मामला राज्य की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था दोनों का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम और पाठ्यपुस्तकों में सुधार की प्रक्रिया पर टिकी है।