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कांग्रेस के SIR और CEC ज्ञानेश कुमार वाले बयान पर BJP का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी बोले- राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की समझ नहीं

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति, एंटी-इनकम्बेंसी और राहुल गांधी के राजनीतिक अनुभव पर सवाल उठाए। त्रिवेदी ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, रायबरेली और वायनाड के चुनावी उदाहरण भी गिनाए।
 

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के राजनीतिक अनुभव और उनके एंटी-इनकम्बेंसी वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के चुनावी इतिहास का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ सत्ता-विरोधी भावना लंबे समय से बनी हुई है।

‘राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की समझ नहीं’

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने देश में एंटी-इनकम्बेंसी को एक स्थापित सच बताया है, लेकिन उन्हें भारतीय राजनीति के इतिहास और उसके बदलते स्वरूप की पर्याप्त समझ नहीं है। बीजेपी नेता ने दावा किया कि कांग्रेस के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी कई राज्यों में लगातार मजबूत रही है।

उन्होंने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि 1967 के बाद कांग्रेस तमिलनाडु में दोबारा सत्ता में नहीं लौटी, जबकि उस समय बीजेपी का अस्तित्व भी नहीं था। इसी तरह पश्चिम बंगाल में 1977 के बाद कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकी और 2011 तक वहां वाम दलों का शासन रहा।

कांग्रेस के पुराने दौर का भी किया जिक्र

बीजेपी सांसद ने कांग्रेस के लंबे शासन वाले दौर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले चुनावों में बूथ कैप्चरिंग, बैलेट बॉक्स लूटने और हिंसा जैसी घटनाएं भी सामने आती थीं। उन्होंने दावा किया कि उस समय उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में चुनावों के दौरान हिंसा आम बात थी।

त्रिवेदी ने कहा कि उस दौर में कांग्रेस के खिलाफ सत्ता-विरोधी भावना प्रभावी नहीं हो पाती थी, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं।

‘राहुल गांधी अपने दम पर एक सीट नहीं जीत सकते’

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और गांधी परिवार को कई चुनावों में सहयोगी दलों का सहारा लेना पड़ा है।

उन्होंने रायबरेली और अमेठी का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के समर्थन का फायदा मिलता रहा है। वहीं वायनाड का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां भी कांग्रेस को मुस्लिम लीग के समर्थन का लाभ मिला।

बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की राजनीतिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने दम पर एक भी सीट जीतने की स्थिति में नहीं हैं।

चुनाव आयोग को लेकर रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल

सुधांशु त्रिवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR से जुड़े विवाद के संदर्भ में मीडिया रिपोर्टों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी निर्णय को लेकर चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद होने का दावा किया जा रहा है, तो उसके समर्थन में संबंधित चुनाव आयुक्त का बयान भी सामने आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव आयुक्त का प्रत्यक्ष कोटेशन सामने नहीं आया है और न ही ऐसी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने रखी गई है, जिससे यह साबित हो कि निर्णय सर्वसम्मति से नहीं लिया गया था।

‘प्रेस की आजादी का सम्मान करता हूं’

त्रिवेदी ने कहा कि वह प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी रिपोर्ट के आधार पर राजनीतिक दावे करने से पहले उसके स्रोत और तथ्यों की जांच जरूरी है। उन्होंने एक पुरानी मीडिया रिपोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि हर प्रकाशित रिपोर्ट को बिना स्वतंत्र पुष्टि के सच नहीं माना जा सकता।

बीजेपी नेता ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की राजनीतिक शैली की तुलना करते हुए कहा कि मोदी जमीन से जुड़े नेता हैं, जबकि राहुल गांधी को उन्होंने ‘जमीन से उड़े हुए नेता’ बताया।