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Rahul Gandhi Supreme Court Petition: राहुल गांधी की याचिका में मिलीं 14 खामियां, मंगलवार को नहीं होगी सुनवाई

राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के 11 नेताओं की SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर दाखिल याचिका में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने 14 तकनीकी कमियां बताई हैं। नौ नेताओं के वकालतनामे, कोर्ट फीस और दस्तावेजों से जुड़ी आपत्तियों के कारण मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकेगी।

 

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी समेत विपक्ष के 11 नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकेगी। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 तकनीकी कमियां बताई हैं। इन खामियों को दूर करने और याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने के बाद ही मामले पर आगे की कार्यवाही हो सकेगी।

याचिका में दस्तावेजों, वकालतनामों और कोर्ट फीस से जुड़ी कई आपत्तियां दर्ज की गई हैं। फिलहाल इन कमियों को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में मंगलवार को याचिका की मेंशनिंग भी नहीं की जाएगी।

राहुल गांधी की याचिका में क्या-क्या कमियां मिलीं?

जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में कुल 14 तकनीकी खामियां बताई हैं। इनमें प्रतिवादियों के नाम से जुड़ी गड़बड़ी और निजी पक्षकारों को प्रतिवादी बनाए जाने के संबंध में पर्याप्त स्पष्टीकरण नहीं देना शामिल है।

याचिका के साथ पुराने फैसले की प्रति भी संलग्न नहीं की गई है। इसके अलावा राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को छोड़कर बाकी नौ याचिकाकर्ताओं की ओर से वकालतनामे दाखिल नहीं किए गए हैं।

रजिस्ट्री ने मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की धुंधली प्रति और निर्धारित कोर्ट फीस से 220 रुपये कम जमा किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। दस्तावेजों की प्रिंटिंग से जुड़ी कमियां भी सामने आई हैं।

इन तकनीकी आपत्तियों के दूर होने के बाद ही याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

याचिका में राहुल गांधी समेत 11 नेता शामिल

कांग्रेस की लीगल टीम ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल की। इसमें राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा विपक्षी गठबंधन INDIA के कई प्रमुख नेता याचिकाकर्ता हैं।

याचिका में शामिल 11 नेताओं के नाम इस प्रकार हैं:

  • राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे — कांग्रेस
  • सौगत राय — तृणमूल कांग्रेस (TMC)
  • अखिलेश यादव — समाजवादी पार्टी (SP)
  • तेजस्वी प्रसाद यादव — राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
  • संजय राउत — शिवसेना (UBT)
  • एम.ए. बेबी — CPI(M)
  • डी. राजा — भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)
  • महुआ माजी — झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)
  • सुप्रिया सुले — राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार)
  • ई.टी. मोहम्मद बशीर — इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)

इस याचिका में आम आदमी पार्टी की ओर से कोई नेता याचिकाकर्ता नहीं है। प्रतिवादियों के रूप में भारतीय निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू को शामिल किया गया है।

SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का मार्च

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने से पहले राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में मार्च निकाला। इस दौरान विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसके जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग पर चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

याचिका में SIR की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग किए जाने की बात कही गई है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच जरूरी है।

कमियां दूर होने के बाद ही सुनवाई का रास्ता साफ

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर प्रक्रिया पूरी करने और उसमें मौजूद खामियों को दूर करने के लिए रजिस्ट्री को निर्देश दिया था। हालांकि, दस्तावेजों की जांच के दौरान तकनीकी आपत्तियां सामने आने के कारण मामला फिलहाल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो पाया है।

अब याचिकाकर्ताओं को रजिस्ट्री की ओर से बताई गई कमियों को दूर करना होगा। इसके बाद याचिका को सूचीबद्ध किए जाने पर आगे की कार्यवाही हो सकेगी।

फिलहाल मामले में मंगलवार को सुनवाई नहीं होगी। याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख तकनीकी खामियां दूर होने और सूचीबद्ध किए जाने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।