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थलपति विजय से मुख्यमंत्री विजय? कैसे TVK बनी सबसे बड़ी ताकत, द्रविड़ राजनीति की जड़ें हिलीं

तमिलनाडु चुनाव 2026 में अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है। शुरुआती रुझानों में DMK और AIADMK पीछे हैं। ‘विजय वेव’ ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है और सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

 

तमिलनाडु की राजनीति में इस बार ऐसा नज़ारा देखने को मिल रहा है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अभिनेता से नेता बने विजय ने अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK)’ के जरिए चुनावी मैदान में ऐसी एंट्री मारी है कि राज्य की दशकों पुरानी सियासी संरचना हिल गई है। शुरुआती रुझानों में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।

रुझानों में TVK सबसे आगे, DMK और AIADMK पीछे

मतगणना के दौरान सामने आ रहे आंकड़े बताते हैं कि TVK करीब 110 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं सत्तारूढ़ DMK लगभग 40 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। AIADMK भी पूरी तरह मुकाबले से बाहर नहीं हुई है और करीब 64 सीटों पर आगे चल रही है, जिससे वह दूसरे स्थान की दावेदार बनती दिख रही है।

शहरी इलाकों में TVK का जबरदस्त प्रदर्शन

राजधानी चेन्नई समेत शहरी क्षेत्रों में TVK का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा है। पार्टी 37 में से 31 सीटों पर आगे है। इसके अलावा 65 शहरी सीटों में से 49 पर बढ़त ने यह साफ कर दिया है कि युवा और शहरी मतदाता इस बार बड़े बदलाव के मूड में थे। दक्षिण तमिलनाडु में भी TVK ने शानदार पकड़ बनाई है, जहां 58 में से 27 सीटों पर बढ़त दर्ज की गई है।

ग्रामीण इलाकों में AIADMK की पकड़, TVK की सेंध

ग्रामीण क्षेत्रों में AIADMK ने अपनी पारंपरिक पकड़ बनाए रखी है और 116 में से 49 सीटों पर आगे है। हालांकि TVK ने यहां भी 33 सीटों पर बढ़त बनाकर साफ संकेत दे दिया है कि उसका प्रभाव सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है।

दिग्गज नेताओं की सीटों पर भी बड़ा उलटफेर

खुद विजय दो सीटों पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से आगे चल रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपने गढ़ कोलाथुर में पिछड़ते नजर आ रहे हैं, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। इसके अलावा कई बड़े नेता भी पीछे चल रहे हैं, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलते दिख रहे हैं।

TVK खेमे में जश्न, DMK में सन्नाटा

जहां एक ओर विजय के आवास पर जश्न का माहौल है, वहीं DMK मुख्यालय पर निराशा का माहौल देखा जा रहा है। विजय के परिवार और समर्थकों के बीच खुशी साफ झलक रही है, जबकि विपक्षी खेमे में सन्नाटा पसरा हुआ है।

सरकार गठन पर सस्पेंस, गठबंधन की संभावनाएं

हालांकि TVK सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है, लेकिन 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। ऐसे में अगर पार्टी बहुमत से थोड़ा पीछे रह जाती है, तो उसे सहयोगी दलों की जरूरत पड़ सकती है। AIADMK की ओर से गठबंधन के संकेत भी मिल रहे हैं, जिससे आगामी दिनों में तमिलनाडु की राजनीति और दिलचस्प हो सकती है।

क्यों अहम है विजय की यह जीत?

विजय का यह प्रदर्शन सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने कम समय में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न वर्गों का व्यापक समर्थन हासिल किया है। यह जीत उस ‘परिवर्तन की लहर’ को दर्शाती है, जिसकी चर्चा लंबे समय से हो रही थी।