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West Bengal Election: बंगाल रिजल्ट पर महुआ मोइत्रा का बड़ा बयान, स्टार प्रचारक सयानी घोष ने भी तोड़ी चुप्पी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने 206 सीट जीतकर इतिहास रच दिया है। टीएमसी 81 सीटों पर सिमट गई। नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव को ‘लूट’ बताया, जबकि टीएमसी नेताओं ने हार स्वीकार कर आगे की लड़ाई जारी रखने की बात कही है।

 

West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव दर्ज किया है। भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए पहली बार बंगाल की सत्ता पर कब्जा जमाने का रास्ता साफ कर लिया है।

दूसरी ओर, लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस 81 सीटों तक सिमट गई। कांग्रेस और वाम दलों को महज 2-2 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि हुमायूं कबीर की पार्टी भी 2 सीट जीतने में सफल रही।

नतीजों पर ममता बनर्जी का गुस्सा, लगाए गंभीर आरोप

चुनावी परिणाम सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी की जीत को “चुनावी लूट” करार देते हुए चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि काउंटिंग के दौरान उनके एजेंट्स को केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया गया और शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता बनर्जी शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखेंगी, जिसमें उनके साथ अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहेंगे।

हार के बाद टीएमसी नेताओं का बदला सुर, स्वीकारा जनादेश

जहां एक ओर ममता बनर्जी ने सवाल उठाए, वहीं तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने जनता के फैसले को स्वीकार कर लिया है। सायोनी घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे पूरी विनम्रता के साथ जनता के जनादेश को स्वीकार करती हैं और ‘मां, माटी और मानुष’ के साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए पार्टी आगे भी संघर्ष करती रहेगी।

महुआ मोइत्रा का बयान: ‘जनता की इच्छा सर्वोपरि’

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता की इच्छा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अगर बंगाल ने बीजेपी को चुना है, तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी ने मजबूती से मुकाबला किया और आगे भी धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।