केरल में कांग्रेस का CM कौन? राहुल गांधी के साथ नेताओं की अहम बैठक आज, वेणुगोपाल सबसे आगे
केरल में कांग्रेस आज मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान कर सकती है। दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में के.सी. वेणुगोपाल सबसे आगे बताए जा रहे हैं। 14 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण संभव है।
केरल में कांग्रेस सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के नए मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर आज दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की अहम बैठक हो रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा कर अंतिम फैसला लेने वाले हैं। माना जा रहा है कि आज ही मुख्यमंत्री पद के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी के भीतर उनके नाम पर सहमति बनने की चर्चा है। यदि आज फैसले पर मुहर लग जाती है तो 14 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।
दिल्ली स्थित 10 जनपथ में हो रही इस महत्वपूर्ण बैठक में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं। राहुल गांधी के साथ बैठक करने वालों में एपी अनिल कुमार, शफी परम्बिल और पीसी विष्णुनंद जैसे नेता मौजूद हैं। पार्टी राज्य नेतृत्व और संगठनात्मक समीकरणों पर भी विस्तार से चर्चा कर रही है।
इसके अलावा केरल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को भी बैठक के लिए बुलाया गया है। इनमें एमएम हसन, के मुरलीधरन, वीएम सुधीरन, के सुधाकरण और मुल्लापल्ली रामचंद्रन जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी आलाकमान सभी नेताओं की राय लेकर सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री का चयन करना चाहती है।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी वरिष्ठ कांग्रेस नेता ए.के. एंटनी से भी अलग से बातचीत करेंगे। एंटनी को केरल कांग्रेस राजनीति का सबसे प्रभावशाली रणनीतिकार माना जाता है और मुख्यमंत्री चयन में उनकी राय को काफी अहम माना जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व इस बार केरल में सरकार गठन के बाद किसी भी तरह का आंतरिक विवाद नहीं चाहता। इसी वजह से मुख्यमंत्री चयन से पहले संगठन, क्षेत्रीय संतुलन और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब पूरे राज्य की नजर कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।