31 दिन बाद आकाश आनंद की बसपा में वापसी, मायावती ने फिर सौंपी राष्ट्रीय संयोजक की कमान
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी की कमान में बड़ी जिम्मेदारी दी है। मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा बसपा का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। करीब 31 दिन पहले ही उन्हें इस पद से हटाया गया था। उस समय मायावती ने कहा था कि आकाश को अभी और अधिक राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत है।
आकाश आनंद को मायावती इससे पहले भी कई बार जिम्मेदारियों से हटा चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें पार्टी में दोबारा अहम जिम्मेदारी दी गई। इस बार आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद मायावती का रुख बदला है।
मायावती ने क्या कहा?
मायावती ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी देने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के ज्यादातर नेताओं की राय थी कि आकाश आनंद को उनकी पहले वाली जिम्मेदारियों के साथ पार्टी में फिर से काम करने का मौका दिया जाना चाहिए।
मायावती के मुताबिक, पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्होंने हाल के दिनों में कई कड़े फैसले
लिए और इनमें उनके परिवार के लोग भी अपवाद नहीं रहे। उन्होंने कहा कि आकाश के व्यक्तित्व में काफी हद तक सकारात्मक पक्ष रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय में उनसे जुड़े कुछ कारणों के चलते संगठन में कई बदलाव करने पड़े।
मायावती ने यह भी कहा कि आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को अंततः राजनीति से संन्यास लेना पड़ा। इसके बाद आकाश के व्यवहार और काम करने के तरीके में बदलाव देखने को मिला। हाल ही में X पर आकाश की ओर से किए गए पोस्ट को भी मायावती ने इसका उदाहरण बताया।
आकाश ने मायावती को बताया था राजनीतिक गुरु
2 अक्टूबर को आकाश आनंद ने X पर मायावती को अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और ‘बुआ मां’ बताते हुए पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था कि बसपा ही उनका परिवार है और वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जाएंगे।
आकाश ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले का भी समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि मिशन और पार्टी से बड़ा कोई रिश्ता नहीं हो सकता।
मायावती के मुताबिक, आकाश के पिता आनंद कुमार और छोटे भाई ईशान आनंद ने भी उनके दोबारा पार्टी में काम करने पर सहमति जताई। ईशान ने कहा कि वह बिना किसी पद के भी पार्टी की ओर से दी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे।
इसके बाद पार्टी ने विचार-विमर्श के बाद आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाने का फैसला लिया।
आकाश आनंद को कब-कब मिली और छीनी जिम्मेदारी?
आकाश आनंद के राजनीतिक सफर में जिम्मेदारियां मिलने और छिनने का सिलसिला कई बार देखने को मिला है।
10 दिसंबर 2023: मायावती ने आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी दी।
7 मई 2024: मायावती ने आकाश से सभी जिम्मेदारियां वापस ले लीं। उन्होंने कहा कि आकाश अभी अपरिपक्व हैं।
23 जून 2024: करीब 47 दिन बाद मायावती ने अपना फैसला बदलते हुए आकाश को फिर उत्तराधिकारी बनाया और नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंप दी।
2 मार्च 2025: आकाश से एक बार फिर सभी जिम्मेदारियां वापस ले ली गईं।
3 मार्च 2025: मायावती ने आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया। उन पर ससुर के प्रभाव में आकर स्वार्थी और अहंकारी होने का आरोप लगाया गया।
13 अप्रैल 2026: मायावती ने आकाश को माफ कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा था कि आकाश को उत्तराधिकारी नहीं बनाया जाएगा।
18 मई 2026: आकाश को फिर चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई और इसे उनके लिए दूसरा मौका बताया गया।
29 अगस्त 2026: बसपा में राष्ट्रीय संयोजक का नया पद बनाया गया और आकाश आनंद को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई।
3 सितंबर 2026: मायावती ने आकाश को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया। उन्होंने कहा कि आकाश को अभी और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है।
9 सितंबर 2026: आकाश को दोबारा जिम्मेदारी देने के लिए मायावती ने उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने की शर्त रखी।
10 सितंबर 2026: मायावती ने आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया। इसके कुछ घंटे बाद अशोक
सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया।
5 अक्टूबर 2026: अब मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल करते हुए राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी है।
ईशान को भी नहीं मिली पार्टी में अहम जिम्मेदारी
आकाश को हटाए जाने के बाद मायावती ने अपने दूसरे भतीजे ईशान आनंद को 19 राज्यों में संगठन की समीक्षा की जिम्मेदारी दी थी। हालांकि, 13 सितंबर को मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश की तरह
ईशान को भी पार्टी में कोई पद नहीं दिया जाएगा।
इसी दौरान मायावती ने अपनी भतीजी दीपिका आनंद को पार्टी में आगे बढ़ाने के संकेत भी दिए थे।
2017 में राजनीति में आए थे आकाश
आकाश आनंद ने 2017 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उस दौरान वह सहारनपुर की एक जनसभा में मायावती के साथ पहली बार प्रमुखता से नजर आए थे। इसके बाद वह लगातार पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रहे।
2019 में उन्हें बसपा का नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया। इसके बाद बसपा और सपा का गठबंधन टूट गया। उस समय राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी रही थी कि आकाश की सलाह पर मायावती ने गठबंधन खत्म करने का फैसला लिया।
2022 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में पहली बार आकाश आनंद का नाम बसपा के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया। आकाश ने लंदन से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की पढ़ाई की है।
अब एक बार फिर उन्हें बसपा के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने से पार्टी की आगे की रणनीति और 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।