यूपी चुनाव 2027 से पहले अखिलेश यादव की बड़ी मांग, सभी दलों को मिले पोलिंग बूथों की लाइव वेबकास्टिंग का लिंक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के सामने एक नई मांग रखी है। उन्होंने मांग की है कि मतदान के दिन सभी पोलिंग बूथों की लाइव वेबकास्टिंग देखने का लिंक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को भी उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
यूपी की सभी 403 सीटों पर होगी निगरानी
सपा ने अपने ज्ञापन में चुनाव आयोग की उस व्यवस्था का जिक्र किया है, जिसके तहत 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए करीब 1.70 लाख पोलिंग बूथों पर वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है।
अखिलेश यादव की पार्टी का कहना है कि जब इतनी बड़ी व्यवस्था की जा रही है तो इसका लाभ केवल चुनाव अधिकारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भी लाइव निगरानी की सुविधा मिलनी चाहिए।
अभी अधिकारियों तक सीमित है लाइव लिंक
समाजवादी पार्टी के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में मतदान केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग का लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारियों को ही उपलब्ध कराया जाता है। इसके जरिए अधिकारी मतदान के दौरान बूथों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं।
हालांकि, राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को यह सुविधा नहीं मिलती। सपा इसी व्यवस्था में बदलाव चाहती है, ताकि सभी मान्यता प्राप्त दल और उम्मीदवार भी मतदान के दौरान बूथों की स्थिति देख सकें।
मौजूदा व्यवस्था को बताया अलोकतांत्रिक
सपा ने अपने ज्ञापन में कहा है कि राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को लाइव वेबकास्टिंग का लिंक नहीं मिलने से वे मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर सीधे नजर नहीं रख पाते। पार्टी ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक, अनैतिक और जनविरोधी बताया है।
पार्टी का तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को निगरानी का समान अवसर मिलना चाहिए।
उपचुनावों में कथित गड़बड़ियों का भी उठाया मुद्दा
सपा प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में पिछले उपचुनावों के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया है। पार्टी का कहना है कि मतदान प्रक्रिया पर केवल अधिकारियों ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की भी नजर होनी चाहिए।
सपा के मुताबिक, अगर प्रत्याशियों और मान्यता प्राप्त दलों को लाइव सीसीटीवी लिंक उपलब्ध कराया जाता है तो मतदान के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सकती है। इससे शिकायत दर्ज कराने और चुनाव प्रक्रिया पर निगरानी रखने में भी मदद मिलेगी।
क्या होती है वेबकास्टिंग?
वेबकास्टिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए किसी स्थान पर लगे कैमरों की लाइव फुटेज इंटरनेट के माध्यम से दूर बैठे लोग भी देख सकते हैं। चुनाव के दौरान पोलिंग बूथों पर लगे कैमरों के जरिए मतदान केंद्र की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।
अखिलेश यादव की मांग है कि इस सुविधा का दायरा बढ़ाया जाए और लाइव वेबकास्टिंग का लिंक केवल चुनाव अधिकारियों के बजाय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को भी दिया जाए। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मांग पर क्या फैसला लेता है।