{"vars":{"id": "130921:5012"}}

CM Yogi के PDA वाले बयान पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार, बोले- आने वाले विधानसभा चुनाव में हार के डर से...

 
बहराइच : प्रदेश की राजनीति में ‘PDA’ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बहराइच में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले पर जोरदार हमला बोला, जिसके बाद सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

अखिलेश यादव का पलटवार

सीएम योगी के बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अब हर जगह सिर्फ PDA ही नजर आता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, लोकसभा में हार की हताशा और आने वाले विधानसभा चुनाव में हार के डर से भाजपा PDA का नाम सुनते ही घबरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग PDA की बात से परहेज करते हैं, उन्हें इसका नाम लेने में भी परेशानी होती है। साथ ही उन्होंने सरकार पर गरीबों और पिछड़ों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया।

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि मन और वचन का गहरा संबंध होता है, जिनका मन खराब होता है, उनके शब्द भी वैसे ही होते हैं। PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को लेकर दोनों नेताओं के बीच यह बयानबाजी आगामी चुनावों को देखते हुए और तेज हो सकती है।

योगी आदित्यनाथ का हमला

सीएम योगी बहराइच में 118 हितग्राहियों को ₹21.55 करोड़ से अधिक की सहायता राशि ट्रांसफर करने और 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय व भूमि पट्टों के वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “जो लोग PDA की बात करते हैं, जब सत्ता में आते थे तो केवल अपने परिवार तक सीमित हो जाते थे। उन्हें पिछड़ी जातियों और आम जनता की याद नहीं रहती थी।”

उन्होंने आगे कहा कि पहले जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम होता था और दंगाइयों को संरक्षण दिया जाता था। त्योहारों से पहले सन्नाटा छा जाता था, लेकिन 2017 के बाद प्रदेश में उत्सव का माहौल देखने को मिलता है।

क्या हैं इसके मायने?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA फॉर्मूला एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। जहां एक ओर भाजपा इसे जातिवाद की राजनीति बता रही है, वहीं समाजवादी पार्टी इसे सामाजिक न्याय का एजेंडा बता रही है।

आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की सियासत में और ज्यादा गरमाने की संभावना है।