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महिला आरक्षण बिल गिरने पर अपर्णा यादव ने विधानसभा के बाहर किया विरोध प्रदर्शन, जलाया सपा-कांग्रेस का झंडा

 

लखनऊ में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पास न होने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपरणा यादव ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। उन्होंने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के झंडे जलाकर नाराजगी जताई।

“महिलाओं की अस्मिता पर हमला”

अपरणा यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की नारी शक्ति के सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने लिखा कि “इस अंधेरी रात में मैं उन ताकतों का विरोध कर रही हूं, जो महिलाओं के अधिकारों को दबाना चाहती हैं।”

विपक्ष पर गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से विपक्ष को घेरते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महिलाओं को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहतीं। उनका आरोप था कि विपक्ष केवल परिवारवाद की राजनीति करता है और आम महिलाओं को अवसर देने से बचता है।

“इतिहास खुद को दोहरा रहा है”

अपरणा यादव ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब महिला आरक्षण से जुड़े प्रयास अटक गए हैं। इससे पहले भी 1996, 1998 और 2003 में ऐसे प्रयास विफल हुए थे। उन्होंने 2026 की स्थिति को उसी कड़ी का हिस्सा बताया और इसे “काली रात” करार दिया।

महाभारत से की तुलना

अपने बयान में उन्होंने विपक्ष की तुलना महाभारत के पात्रों से करते हुए कहा कि आज भी कुछ लोगों की सोच महिलाओं के प्रति वैसी ही है, जैसी उस समय दुर्योधन और दुशासन की थी।