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अयोध्या-काशी की तर्ज पर विकसित होगा संकिसा, बौद्ध सर्किट को लेकर बनेगा विशेष रोडमैप

 

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि संकिसा को अयोध्या, काशी और मथुरा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए मैनपुरी और फर्रुखाबाद जिलों के समन्वय से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। संकिसा में पाली शोध संस्थान और विशाल विपश्यना ध्यान केंद्र की स्थापना के साथ ही सड़क को फोरलेन बनाने की योजना पर भी काम किया जाएगा।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य रविवार को मैनपुरी जिले के जसराजपुर संकिसा में आयोजित अभिधम्म दिवस महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने पूरी दुनिया को करुणा, दया, अहिंसा और शांति का संदेश दिया। उनके विचार आज भी मानवता के लिए प्रासंगिक हैं। संकिसा का भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख आठ पवित्र तीर्थस्थलों में विशेष स्थान है। ऐसे में इस ऐतिहासिक स्थल का विकास और इसकी वैश्विक पहचान मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

 संकिसा में बनेगा पाली शोध संस्थान और विपश्यना केंद्र

केशव मौर्य ने संकिसा में पाली शोध संस्थान और विपश्यना ध्यान केंद्र स्थापित करने की मांग पर कहा कि यह जनता की स्वाभाविक अपेक्षा और अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार संकिसा के विकास के लिए स्थानीय लोगों की उम्मीदों से आगे बढ़कर काम करने का प्रयास करेगी।

उन्होंने कहा कि संकिसा को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए व्यवस्थित योजना बनाई जाएगी। इसके तहत बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और सड़क संपर्क मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

अयोध्या और काशी की तर्ज पर विकसित होंगे बौद्ध तीर्थस्थल

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज में विकास कार्य कराए जा रहे हैं, उसी तरह प्रदेश के बौद्ध तीर्थस्थलों का भी समग्र विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और तथागत भगवान बुद्ध दोनों ही भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया को युद्ध के बजाय शांति का रास्ता दिखाया है। भगवान बुद्ध के विचारों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है और भारत की