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चंद्रशेखर आजाद ने CM योगी को दी चुनौती, बोले- बिजनौर की किसी भी सीट से लड़िए, हराकर भेजूंगा

 

अमरोहा। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनावी मुकाबले की चुनौती दी है। रविवार को अमरोहा के हसनपुर स्थित अल अमीन अब्दुल्ला इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजनौर की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि वह उन्हें हराकर ही भेजेंगे और ऐसा नहीं कर पाए तो राजनीति छोड़ देंगे।

हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी प्रभारी शाहनवाज चौधरी के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से अपने चुनाव लड़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में वह गोरखपुर से मैदान में उतरे थे, जहां उनकी जमानत जब्त हो गई थी। इसके बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री को बिजनौर की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

उन्होंने धामपुर, बढ़ापुर, बिजनौर सदर और नहटौर समेत जिले की किसी भी विधानसभा सीट का नाम लेते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है, तो उन्हें चुनावी मैदान में उतरना चाहिए।


बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "आज सारा विपक्ष खड़ा है। क्या हुआ, हो गया इस्तीफा? इस्तीफा तो नीला पटका वाले ही ले सकते हैं, जो छीनना जानते हैं।"

उनका यह बयान चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में आया। जनसभा में उन्होंने अपने राजनीतिक समर्थन का भरोसा जताते हुए लोगों से बदलाव के लिए आगे आने की अपील भी की।


'पांच किलो राशन नहीं, बच्चों को पढ़ाई चाहिए'

जनसभा में चंद्रशेखर आजाद ने शिक्षा, बेरोजगारी, विकास, गन्ना भुगतान में देरी और सड़कों की खराब स्थिति जैसे मुद्दों पर प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 20 हजार स्कूल बंद किए गए और शराब की दुकानों को बढ़ावा दिया गया। हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो कक्षा एक से 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त करने के साथ सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने पर जोर देगी। उनके मुताबिक, बच्चों को केवल राशन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी बात रखने का अधिकार भी मिलना चाहिए।


बुलडोजर कार्रवाई और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल

चंद्रशेखर आजाद ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधियों के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और कानून के आधार पर काम करने में विश्वास करती है।

उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। साथ ही, उन्होंने मतदाताओं से अपने अधिकारों का इस्तेमाल सोच-समझकर करने और प्रदेश में बदलाव के लिए मतदान करने की अपील की।


बढ़ापुर विधायक के यहां कथित मारपीट का मुद्दा उठाया

जनसभा के दौरान सांसद ने बढ़ापुर से भाजपा विधायक के यहां रामू कश्यप और गौतम के साथ कथित मारपीट का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, लेकिन सरकार के दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्ष का बयान और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों को चंद्रशेखर आजाद के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, चंद्रशेखर आजाद ने अपनी जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनावी चुनौती देने के साथ शिक्षा, बेरोजगारी, बुलडोजर कार्रवाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक रणनीति के संकेत दिए।