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हामिद अंसारी के बयान पर CM योगी का पलटवार, बोले- ‘देश को इनसे उम्मीद छोड़ देनी चाहिए’

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का इस वर्ष मुख्य विषय ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ रखा गया था।

सीएम योगी ने हामिद अंसारी के बयान को भारत की परंपरा और संस्कृति के लिए ‘डरावना’ बताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी राय अलग हो सकती है, लेकिन भारत की बात आने पर संविधान की मर्यादा, देश की एकता और अखंडता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। योगी ने आरोप लगाया कि अंसारी के बयान में सनातन और हिंदू परंपरा को लेकर ऐसी बातें कही गईं, जिन्हें वे भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मानते हैं।

दरअसल, 19 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में हामिद अंसारी ने दिवंगत संविधान विशेषज्ञ और लेखक एजी नूरानी की किताब The RSS: A Menace to India का संदर्भ देते हुए जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी एक पुरानी टिप्पणी का उल्लेख किया था। अंसारी के अनुसार, उस टिप्पणी में भारत के लिए कम्युनिज्म के बजाय ‘हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता’ को खतरा बताया गया था। उन्होंने अपने भाषण में नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बीच अंतर का भी उल्लेख किया और कहा कि मौजूदा समय में कुछ प्रवृत्तियां नागरिकों के बीच धर्म के आधार पर भेदभाव, असहिष्णुता और असुरक्षा को बढ़ावा देती हैं।

हामिद अंसारी के इसी बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। सीएम योगी ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा और संस्कृति को लेकर इस तरह की टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने संवैधानिक पदों की गरिमा और देश की एकता-अखंडता को लेकर भी अपनी बात रखी।

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह का व्यवहार ‘कांग्रेस के युवराज’ ने किया, वह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। योगी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और उम्र में बड़े लोगों को प्राथमिकता देने की परंपरा रही है। उनके मुताबिक, यही भारतीय संस्कार और जीवन-व्यवहार का हिस्सा है।

योगी ने आगे कहा कि जिन लोगों में ऐसे संस्कार नहीं हैं और जो भारत तथा भारतीयता का अपमान करना ही अपने जीवन का लक्ष्य मानते हैं, उनसे ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना समझने की उम्मीद करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों से उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए।

सीएम योगी रविवार दोपहर बाद ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने दो दिवसीय प्रेरणा विमर्श-2026 के समापन समारोह में हिस्सा लिया। आयोजन 19 और 20 सितंबर को हुआ और इसमें सामाजिक, राष्ट्रीय तथा समकालीन मुद्दों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।