प्रयागराज में रसोइयों को सम्मान की सौगात, अब 3000 रुपये मानदेय के साथ मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज
प्रयागराज। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों के सम्मान में रविवार को प्रयागराज के सर्किट हाउस सभागार में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने रसोइयों को बढ़े हुए मानदेय और कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने पर बधाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत उपमुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती को नमन करके की। इस दौरान लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित राज्य स्तरीय रसोइया सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी प्रयागराज में किया गया। उपमुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से कुछ रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी प्रदान किए।
2000 से बढ़कर 3000 रुपये हुआ मानदेय
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि रसोइयों का मानदेय 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। उन्होंने कहा कि यह रसोइयों के लिए खुशी का अवसर है। सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की है और भविष्य में भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि रसोइयां स्कूलों में लाखों बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं और मां की तरह बच्चों की देखभाल का महत्वपूर्ण दायित्व निभाती हैं। सरकार उनके योगदान को सम्मान देने के साथ उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर भी ध्यान दे रही है।
5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रसोइयों और उनके आश्रितों को अब हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार की इस पहल से प्रदेश की करीब 3.72 लाख रसोइयों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। राशन, आवास, नल से जल, किसान सम्मान निधि और विभिन्न पेंशन योजनाओं समेत कई योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
रसोइयां हैं पोषण योजना की अहम कड़ी
प्रधानमंत्री पोषण योजना को सफल बनाने में रसोइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। स्थानीय महिलाओं को रसोइया के रूप में रोजगार देने से उन्हें आय का साधन भी मिला है और विद्यालयों में बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी भी मजबूत हुई है।
रसोइयां सिर्फ भोजन तैयार करने तक सीमित नहीं हैं। वे भोजन की स्वच्छता, गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाती हैं। स्कूलों में सभी वर्गों के बच्चे एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, जिससे सामाजिक समानता और समरसता का संदेश भी मजबूत होता है।
प्रयागराज के 9 हजार से अधिक रसोइयों को मिलेगा लाभ
कार्यक्रम में बताया गया कि कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से अकेले प्रयागराज जिले में 9 हजार से अधिक रसोइयों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार की इस पहल को रसोइयों की सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
सांसद प्रवीण पटेल ने भी रसोइयों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालयों के संचालन और बच्चों के पोषण में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा को सरकार की सराहनीय पहल बताया।
कार्यक्रम में विधायक बारा डॉ. वाचस्पति, विधायक शहर उत्तर हर्षवर्धन वाजपेयी, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, भाजपा गंगापार अध्यक्ष निर्मला पासवान, यमुनापार अध्यक्ष राजेश शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला विकास अधिकारी जीपी कुशवाहा, परियोजना निदेशक भूपेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।