UP में 2027 चुनाव को लेकर चुनाव आयोग एक्टिव, एक हफ्ते में सेक्टर ऑफिसर और पुलिस ऑफिसर की होगी तैनाती
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को लेकर चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस दौरान उन्होंने चुनाव से जुड़ी तैयारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर सभी जिलों में सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन पदों पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को समझने वाले सक्षम अधिकारियों की तैनाती की जाए। नियुक्ति के बाद उन्हें मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से निर्वाचन संबंधी नियमों और उनकी जिम्मेदारियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
बूथों पर सुविधाओं का होगा स्थलीय निरीक्षण
सेक्टर ऑफिसर मतदान से पहले ईवीएम जागरूकता कार्यक्रमों और मतदान के दिन होने वाली व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। इसके अलावा वे मतदान केंद्रों पर तैनात मतदान अधिकारियों के कामकाज का भी पर्यवेक्षण करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सेक्टर ऑफिसर अपने-अपने क्षेत्रों के सभी मतदेय स्थलों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का सत्यापन करें। इसमें मतदान केंद्र तक पहुंचने का रास्ता, बिजली, फर्नीचर, रैंप, शौचालय, छाया और पेयजल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
निरीक्षण के बाद सेक्टर ऑफिसर अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपेंगे। जहां भी किसी सुविधा की कमी मिलेगी, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उसे समयबद्ध तरीके से दुरुस्त कराया जाएगा।
संवेदनशील और क्रिटिकल बूथों पर विशेष नजर
चुनाव के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के लिए सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर को वल्नरेबिलिटी मैपिंग से जुड़ा फॉर्मेट वीएम-1 उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान दर्ज आपराधिक मामले, जातीय हिंसा, आचार संहिता के उल्लंघन, नकदी या अन्य सामान की जब्ती, पुनर्मतदान, गंभीर आपराधिक मामलों वाले लोगों और शराब से जुड़े मामलों जैसी जानकारियां दर्ज होंगी।
इन जानकारियों के आधार पर अधिकारी संबंधित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
इसके साथ ही हैंडबुक फॉर सेक्टर ऑफिसर में तय मानकों के आधार पर क्रिटिकल मतदेय स्थलों की सूची भी समय से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेटवर्क नहीं तो सर्विस प्रोवाइडर से होगा समन्वय
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे मतदान केंद्रों को भी चिन्हित करने को कहा, जहां मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में संबंधित मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर के साथ समन्वय कर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी, ताकि मतदान के दौरान अधिकारियों के बीच संचार में कोई परेशानी न हो।
EVM वेयरहाउस की सुरक्षा पर भी फोकस
बैठक में EVM वेयरहाउस की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। जिला निर्वाचन अधिकारियों को मासिक और त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के EVM मैनुअल में दिए गए नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
वेयरहाउस में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग का कम से कम 30 दिनों का बैकअप अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिन जिलों में EVM की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) चल रही है, वहां वेयरहाउस में दीमक, सीपेज या किसी अन्य तरह की समस्या मिलने पर उसे FLC अवधि के दौरान ही ठीक कराने को कहा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी के लिए संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक को भी समय-समय पर वेयरहाउस का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों से कहा कि विधानसभा चुनाव-2027 की सभी तैयारियां निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और तय समय-सीमा के अनुसार पूरी की जाएं, ताकि प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई जा सके।