वाराणसी में फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, दो महीने से नाव संचालन बंद, नमो घाट के प्लेटफार्म और अस्सी की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी
वाराणसी में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। गुरुवार सुबह शहर का तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 69 प्रतिशत दर्ज की गई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 99 रहा।
मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक वाराणसी में बारिश या आसमान में बादल छाए रहने की संभावना नहीं है। इस दौरान तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, सुबह के समय हल्की ठंडक अभी बनी रहेगी।
गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी
एक तरफ मौसम साफ होने के आसार हैं, तो दूसरी तरफ गंगा के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी से घाटों की स्थिति बदलने लगी है। पिछले दिनों जिन घाटों पर पानी उतरने के बाद सीढ़ियों और प्लेटफार्मों की सफाई शुरू हुई थी, वहां फिर से गंगा का पानी पहुंच गया है।
नमो घाट के प्लेटफार्म और अस्सी घाट की सीढ़ियों तक पानी पहुंचने लगा है। वहीं, पहले से ही 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट चुका है। जलस्तर बढ़ने से उन घाटों पर भी मुश्किलें बढ़ गई हैं, जहां बाढ़ का पानी उतरने के बाद सफाई कराई गई थी। पानी दोबारा पहुंचने के कारण जमा हुई गाद और कचरे की एक बार फिर सफाई करनी पड़ेगी।
पितृपक्ष में पिंडदान के लिए जगह की कमी
पितृपक्ष के चलते वाराणसी के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। लोग पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए घाटों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में पानी बढ़ने से उपलब्ध जगह कम होती जा रही है।
सीमित स्थान में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से पिंडदान और धार्मिक अनुष्ठान करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के लिए भी श्रद्धालुओं की सुविधा और घाटों पर व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है।
दो महीने से नाव संचालन प्रभावित, नाविक परेशान
गंगा के लगातार बदलते जलस्तर और घाटों की स्थिति का सीधा असर नाविकों की रोजी-रोटी पर पड़ा है। नाविकों के मुताबिक, करीब दो महीने से नाव संचालन प्रभावित है। लंबे समय से कारोबार प्रभावित होने के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
नाविकों का कहना है कि वे मां गंगा से प्रार्थना कर रहे हैं कि जलस्तर जल्द स्थिर हो और घाटों की स्थिति सामान्य हो। इससे नाव संचालन दोबारा शुरू हो सकेगा और उनकी रोजी-रोटी भी पटरी पर लौट सकेगी।
वाराणसी में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। गुरुवार सुबह शहर का तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 69 प्रतिशत दर्ज की गई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 99 रहा।
मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक वाराणसी में बारिश या आसमान में बादल छाए रहने की संभावना नहीं है। इस दौरान तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, सुबह के समय हल्की ठंडक अभी बनी रहेगी।
गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी
एक तरफ मौसम साफ होने के आसार हैं, तो दूसरी तरफ गंगा के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी से घाटों की स्थिति बदलने लगी है। पिछले दिनों जिन घाटों पर पानी उतरने के बाद सीढ़ियों और प्लेटफार्मों की सफाई शुरू हुई थी, वहां फिर से गंगा का पानी पहुंच गया है।
नमो घाट के प्लेटफार्म और अस्सी घाट की सीढ़ियों तक पानी पहुंचने लगा है। वहीं, पहले से ही 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट चुका है। जलस्तर बढ़ने से उन घाटों पर भी मुश्किलें बढ़ गई हैं, जहां बाढ़ का पानी उतरने के बाद सफाई कराई गई थी। पानी दोबारा पहुंचने के कारण जमा हुई गाद और कचरे की एक बार फिर सफाई करनी पड़ेगी।
पितृपक्ष में पिंडदान के लिए जगह की कमी
पितृपक्ष के चलते वाराणसी के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। लोग पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए घाटों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में पानी बढ़ने से उपलब्ध जगह कम होती जा रही है।
सीमित स्थान में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से पिंडदान और धार्मिक अनुष्ठान करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के लिए भी श्रद्धालुओं की सुविधा और घाटों पर व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है।
दो महीने से नाव संचालन प्रभावित, नाविक परेशान
गंगा के लगातार बदलते जलस्तर और घाटों की स्थिति का सीधा असर नाविकों की रोजी-रोटी पर पड़ा है। नाविकों के मुताबिक, करीब दो महीने से नाव संचालन प्रभावित है। लंबे समय से कारोबार प्रभावित होने के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
नाविकों का कहना है कि वे मां गंगा से प्रार्थना कर रहे हैं कि जलस्तर जल्द स्थिर हो और घाटों की स्थिति सामान्य हो। इससे नाव संचालन दोबारा शुरू हो सकेगा और उनकी रोजी-रोटी भी पटरी पर लौट सकेगी।