{"vars":{"id": "130921:5012"}}

ताऊ को रास्ते से हटाओ...प्रयागराज ट्रिपल मर्डर का खुलासा, प्रेमिका के कहने पर प्रेमी ने ताऊ को मार डाला, दो महिलाओं की भी ले ली जान

 

प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी हिमांशु यादव (19), उसका भाई, दो दोस्त और एक ग्राम प्रधान शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में मुख्य आरोपी हिमांशु यादव ने दावा किया है कि वह अपनी कथित प्रेमिका के कहने पर उसके ताऊ श्यामलाल गुप्ता की हत्या करने गया था। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी के बयान का सत्यापन अभी किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सकेगी।

पुलिस पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि 13 जून को वह अपनी प्रेमिका से मिलने राजापुर गांव गया था। वहीं दोनों के बीच बातचीत के दौरान कथित तौर पर श्यामलाल को रास्ते से हटाने की बात सामने आई। इसके बाद उसने अपने दो दोस्तों निहाल गौतम और राजन यादव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

आरोपी के मुताबिक, 15 जून की रात वह अपने साथियों के साथ श्यामलाल के घर पहुंचा और सो रहे श्यामलाल पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले के दौरान शोर सुनकर घर की दो महिलाएं अमरावती और इंद्रावती जाग गईं। आरोपी का दावा है कि पहचान उजागर होने के डर से उन दोनों पर भी हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटें बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार श्यामलाल के सिर की पांच हड्डियां टूट गई थीं, जबकि दोनों महिलाओं के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं।

पुलिस कर रही है बयानों की जांच

डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में कई बातें बताई हैं, लेकिन उनकी पुष्टि अभी बाकी है। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित प्रेमिका की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

हथियार बरामदगी के दौरान भागने की कोशिश

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी हिमांशु यादव को घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया और फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

लापरवाही पर दरोगा निलंबित

परिजनों का आरोप है कि पहले भी आरोपी पक्ष की ओर से धमकियां मिल रही थीं और इसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चौकी में तैनात दरोगा रामविलास सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।