मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं’...बीमारी की खबरों पर मायावती ने तोड़ी चुप्पी, आकाश आनंद पर भी साधा निशाना
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी बीमारी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मायावती ने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और लगातार अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी से निकाले गए कुछ लोग यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी तबीयत खराब है, इसलिए वह बड़े मामलों पर सीधे एक्स के जरिए जानकारी दे रही हैं। इसी वजह से उन्होंने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने का फैसला किया।
मायावती ने इस दौरान अपने भतीजे आकाश आनंद पर भी गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब 10:04 बजे पार्टी के इंचार्ज आलोक कुमार के पास आकाश आनंद का फोन आया था। आकाश ने उनसे पूछा कि बहनजी बीमार हैं या नहीं और उनका स्वास्थ्य कैसा है। आलोक कुमार ने जवाब दिया कि मायावती बिल्कुल ठीक हैं और अपने काम में लगी हुई हैं। मायावती के मुताबिक, इसके बाद आकाश ने आलोक कुमार से कहा कि इस बातचीत के बारे में बहनजी को न बताया जाए और फोन काट दिया। मायावती ने इसे गंभीर मामला बताया।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आकाश आनंद की यह मानसिकता सही है या गलत, यह अलग बात है, लेकिन वह अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश अभी भी अपने दिमाग से काम करने के बजाय अपने ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में फैसले ले रहे हैं। मायावती ने कहा कि इसी वजह से आकाश को पहले पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था।
दरअसल, मायावती तीन सितंबर को लखनऊ में सार्वजनिक तौर पर नजर आई थीं। इस दौरान उन्होंने बसपा नेताओं के साथ बैठक भी की थी। इसके बाद से वह पार्टी से जुड़े अहम फैसलों और गतिविधियों की जानकारी लगातार एक्स पोस्ट के जरिए दे रही हैं। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी तबीयत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
आकाश आनंद को लेकर मायावती का बड़ा फैसला
मायावती ने कुछ दिन पहले आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा जिम्मेदारी देने के लिए उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने की शर्त रखी थी। इसके करीब 17 घंटे बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। हालांकि, इसके बावजूद मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी में कोई पद नहीं दिया। बाद में उन्होंने आकाश को पार्टी से बाहर करने का ऐलान कर दिया।
मायावती ने आरोप लगाया था कि आकाश के लिए पार्टी और मिशन से ज्यादा उनके ससुर महत्वपूर्ण हैं। शनिवार को भी मायावती ने एक्स पर एक लंबी पोस्ट कर साफ किया कि सिर्फ आकाश आनंद ही नहीं, बल्कि उनके छोटे भाई ईशान को भी पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
इसी के साथ मायावती ने अपनी भतीजी दीपिका आनंद को लेकर भी भविष्य में पार्टी की जिम्मेदारी सौंपे जाने के संकेत दिए हैं।
बसपा के संगठन में बड़ा बदलाव, देश को तीन सेक्टरों में बांटा
मायावती ने पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव का भी ऐलान किया। इसके तहत बसपा में मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद खत्म कर दिया गया है। इससे पहले इस पद की जिम्मेदारी आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान को दी गई थी।
अब मायावती ने देश को तीन सेक्टरों में बांटने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को पहले सेक्टर में रखा गया है, जिसकी जिम्मेदारी खुद मायावती संभालेंगी। इसके अलावा देश के 19 राज्यों को दो अन्य सेक्टरों में बांटा गया है।
सेक्टर-1 में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब/चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड को रखा गया है। इस सेक्टर की जिम्मेदारी रामजी गौतम और सुरेश राव को दी गई है।
वहीं सेक्टर-2 में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल को शामिल किया गया है। इसकी जिम्मेदारी राजाराम और अतर सिंह राव को सौंपी गई है।
चीन के साथ सीमा विवाद जल्द सुलझाने की जरूरत: मायावती
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दिल्ली में हुए 18वें BRICS सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि 140 पैराग्राफ वाला घोषणा पत्र सभी सदस्य देशों की सहमति से जारी होना एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कई देश युद्ध, तनाव और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में BRICS देशों का एक साथ आना आपसी सहयोग और समझ को दर्शाता है। मायावती ने BRICS देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने और BRICS करेंसी की दिशा में आगे बढ़ने को भी सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने की कोशिशों का परिणाम आने वाले समय में सामने आएगा, लेकिन दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का जल्द समाधान होना चाहिए।
58 हजार पंचायत सहायकों का मुद्दा भी उठाया
मायावती ने लखनऊ के ईको गार्डन में आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों की मांगों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि करीब 58 हजार पंचायत सहायक पिछले कुछ दिनों से मानदेय बढ़ाने और संविदा
व्यवस्था खत्म कर उन्हें स्थायी करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार से पंचायत सहायकों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
‘कड़े फैसलों से पार्टी को फायदा हो रहा’
मायावती ने हाल के दिनों में पार्टी के भीतर लिए गए फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में लिए गए कड़े फैसलों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से बाबा साहेब का अधूरा कारवां तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलावा देश के बाकी राज्यों में संगठन को दो सेक्टरों में बांटा गया है और वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।