‘स्कॉलरशिप मिलती तो आप जैसे होनहार छात्र होते...CM योगी ने ली OP राजभर की चुटकी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर राजभर को समय पर छात्रवृत्ति मिल जाती तो वह भी वहां मौजूद छात्रों की तरह पढ़ाई में आगे बढ़ते और शायद नेता नहीं बन पाते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर की सरकार से उन्हें जरूरी प्रोत्साहन नहीं मिल सका, जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद उन्होंने मेहनत और संघर्ष का रास्ता चुना और कई वर्षों तक जनता की आवाज उठाते रहे। योगी ने बताया कि राजनीति में आने से पहले राजभर थ्री-व्हीलर और टैक्सी भी चलाते थे। आज वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। मुख्यमंत्री ने उनके इस सफर को मेहनत और संघर्ष का परिणाम बताया।
योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति जहां भी मेहनत करता है, वहां उसे परिणाम जरूर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति मेहनत और लगन बनाए रखने की अपील की।
4.60 लाख से ज्यादा छात्रों को छात्रवृत्ति
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के 4,60,559 छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद मिली। लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीबीटी के जरिए
विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148.04 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि भेजी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी वितरित किए। प्रमाणपत्र पाने वाले विद्यार्थियों में रणबीर वर्मा, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अलकैफ, अनन्या अवस्थी, मिली, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, बुशरा, अभिषेक यादव और साइमा शामिल रहे।
OBC और SC छात्रों को मिली बड़ी हिस्सेदारी
सरकार की ओर से जारी छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ अलग-अलग वर्गों के विद्यार्थियों को मिला। अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 छात्रों के खातों में कुल 60.01 करोड़ रुपये भेजे गए।
वहीं, अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को 64.54 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति मिली। सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खातों में 11.43 करोड़ रुपये, जबकि अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों के खातों में 12.06 करोड़ रुपये भेजे गए।
मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र मिलने के बाद कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी नजर आई। सरकार का कहना है कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।