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जौनपुर और आजमगढ़ को मिली सौगात: केंद्र ने मंजूर किए फोरलेन बाईपास, विकास को मिलेगी नई गति
 

 

जौनपुर I जौनपुर में 944 करोड़ रुपये की लागत से 12.205 किलोमीटर लंबा फोरलेन वेस्टर्न बाईपास बनेगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दे दी है, जो एनएच-731 से शुरू होकर एनएच-135ए तक जाएगा। यह बाईपास पूर्वांचल विश्वविद्यालय (सिद्दीकपुर) के पास से बसारतपुर तक फैला होगा।

इस प्रोजेक्ट में गोमती नदी पर 200 मीटर लंबा मजबूत ब्रिज, पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों के लिए दो बड़े तथा तीन छोटे अंडरपास, 8.76 किमी सर्विस रोड, 7.2 किमी स्लिप रोड, फ्लाइओवर और एक बड़ा इंटरचेंज शामिल हैं। भारी वाहन शहर के बीच से गुजरने के बजाय बाईपास से निकलेंगे, जिससे ट्रैफिक जाम में भारी कमी आएगी और यात्रा समय कम होगा।

यह बाईपास जौनपुर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापारियों को वाराणसी, लखनऊ और आजमगढ़ जैसे शहरों तक माल पहुंचाने में आसानी होगी। निर्माण कार्य और सड़क किनारे विकसित होने वाली व्यापारिक गतिविधियों से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह परियोजना पूर्वांचल में रिंग रोड के जाल को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इसी तरह, आजमगढ़ में भी 1279.13 करोड़ रुपये की लागत से 15 किलोमीटर लंबा फोरलेन दक्षिण-पूर्व बाईपास (रिंग रोड) स्वीकृत हुआ है। यह एनएच-28 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। बाईपास रानी की सराय से शुरू होकर पूर्वी टेंपल (एक्सप्रेसवे के निकट) पर समाप्त होगा।

इसमें एक फ्लाईओवर, दो आधुनिक इंटरचेंज, आरओबी (ट्रेन जाम से बचाव के लिए), दो बड़े अंडरपास, आठ लाइट व्हीकल अंडरपास, सर्विस रोड और स्लिप रोड शामिल हैं। यह परियोजना शहर के भीतर ट्रैफिक को बाधामुक्त बनाएगी और करीब 24 गांवों को मुख्य आर्थिक नेटवर्क से जोड़ेगी।

दोनों परियोजनाएं पूर्वांचल के आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होंगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मंजूरी से इन प्रोजेक्ट्स पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है, जो क्षेत्रवासियों के लिए विकास की नई सुबह लाएंगे।