क्रिकेट के बाद सेवा का मैदान! ग्रेटर नोएडा में KDSG अस्पताल उद्घाटन पर कपिल देव को मिली अहम जिम्मेदारी
ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध नगर में KDSG अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव को सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कपिल देव ने क्रिकेट के मैदान में देश का नाम रोशन किया है और अब वह सेवा के क्षेत्र में भी समाज के लिए योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य हर व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण पहलू है और राज्य सरकार इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
सीएम ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड नहीं बन पाया है, तो उसे मुख्यमंत्री राहत कोष से भी आर्थिक सहायता दी जाती है। पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री राहत कोष से लगभग 1300 करोड़ रुपये की राशि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, शिक्षामित्र, अनुदेशक और बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत रसोइयों को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में केवल 17 मेडिकल कॉलेज संचालित होते थे। लेकिन अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य के तहत प्रदेश के 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं और वर्तमान में राज्य में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 तक देश में केवल 6 एम्स थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद अब देश में 23 एम्स कार्यरत हैं, जो आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि जब कोई मरीज डॉक्टर के पास जाता है, तो वह भरोसे के साथ आता है। डॉक्टर का अच्छा व्यवहार ही मरीज की आधी से अधिक बीमारी दूर कर देता है। इसके बाद दवा और दुआ दोनों मिलकर मरीज को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे पात्र व्यक्ति 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा किसी भी सरकारी या सूचीबद्ध अस्पताल में प्राप्त कर सकते हैं।