लखीमपुर खीरी में बारिश का कहर, कच्चा मकान ढहा, मलबे में दबकर पति-पत्नी और बेटे की मौत
लखीमपुर खीरी। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। मितौली तहसील के नीमगांव थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव में शनिवार सुबह एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त घर के अंदर मौजूद पति-पत्नी और उनके छोटे बेटे की मलबे में दबने से मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
बारिश से कमजोर हो गया था मकान
रहमतपुर गांव निवासी मोहन कश्यप अपनी पत्नी सरिता और छोटे बेटे मोनू के साथ कच्चे मकान में रहते थे। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में करीब डेढ़ दिन से लगातार तेज बारिश हो रही थी। बारिश के चलते जमीन में नमी और जलभराव बढ़ गया था। इसी बीच मकान भी कमजोर हो गया और शनिवार सुबह अचानक भरभराकर ढह गया। मकान गिरने के समय परिवार के तीनों सदस्य अंदर मौजूद थे और मलबे के नीचे दब गए।
ग्रामीणों ने शुरू किया रेस्क्यू
सुबह ग्रामीणों ने जब मकान को ढहा हुआ देखा तो परिवार के सदस्य नजर नहीं आए। इसके बाद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू किया और मलबा हटाना शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद मोहन, सरिता और मोनू को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। एक साथ तीन मौतों की खबर फैलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई।
बंद पुलिया को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
हादसे के बाद ग्रामीणों ने गांव की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पानी की निकासी के लिए बनी पुलिया बंद है, जिसके चलते बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। जलनिकासी बाधित होने से गांव के कई हिस्सों में पानी भर गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बंद पुलिया को खुलवाने और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बारिश के बीच जलभराव से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए खतरा और बढ़ गया है।
जर्जर मकानों में रहने वालों की सुरक्षा पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और जलभराव के बावजूद प्रभावित इलाकों में पर्याप्त निगरानी नहीं हो रही है। ऐसे में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनकी सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है।
एसडीएम का पक्ष नहीं मिल सका
हादसे के संबंध में मितौली एसडीएम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी नंबर बंद मिला। इसके चलते खबर लिखे जाने तक प्रशासन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
नीमगांव थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण गौतम ने बताया कि मकान गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मलबे से तीन लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे के बाद अब प्रशासन के सामने पीड़ित परिवार को राहत और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही गांव में जलनिकासी की समस्या दूर करने की चुनौती है। लगातार बारिश के बीच कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी तत्काल कदम उठाने की जरूरत सामने आई