{"vars":{"id": "130921:5012"}}

UP में बेटियों की उड़ान को पंख, कन्या सुमंगला योजना से बदली लाखों जिंदगियां

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आज प्रदेश की लाखों बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन चुकी है। इस योजना के जरिए सरकार ने साफ संदेश दिया है कि बेटियां किसी पर बोझ नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की ताकत हैं। अब तक करीब 27 लाख बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित होकर अपने भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रही हैं।

जमीनी स्तर पर दिख रहा योजना का असर

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक पात्र बालिकाओं को कुल 647.21 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावी रूप से धरातल पर लागू हो रही है। सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के चलते सहायता राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे परिवारों का सरकार पर भरोसा और मजबूत हुआ है।

बालिकाओं का कल्याण सरकार की प्राथमिकता

योगी सरकार ने योजना के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया है। चालू वित्तीय वर्ष में ही 3.28 लाख से अधिक बालिकाओं को 130.03 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इससे साफ है कि बालिकाओं का कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है। यह योजना न सिर्फ बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि सामाजिक सोच में भी बदलाव ला रही है।

लैंगिक समानता की दिशा में मजबूत पहल

वर्ष 2019 में शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य लैंगिक समानता को बढ़ावा देना, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और बालिकाओं के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ऐसे परिवारों की बालिकाओं को दिया जा रहा है, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं है और जिनके परिवार में अधिकतम दो बच्चे हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बेटी की शिक्षा या विकास बाधित न हो।

सहायता राशि बढ़ने से बढ़ा परिवारों का विश्वास

वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार ने इस योजना के तहत दी जाने वाली कुल सहायता राशि को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया है। यह राशि बालिका के जीवन के छह महत्वपूर्ण चरणों में दी जाती है। जन्म के समय 5,000 रुपये, दो वर्ष की आयु पर टीकाकरण पूर्ण होने पर 2,000 रुपये, कक्षा एक में प्रवेश पर 3,000 रुपये, कक्षा छह में प्रवेश पर 3,000 रुपये, कक्षा नौ में प्रवेश पर 5,000 रुपये और कक्षा 10 या 12 उत्तीर्ण कर डिप्लोमा या स्नातक जैसे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये की सहायता दी जाती है।

बेटियों के सपनों को मिल रही उड़ान

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आज प्रदेश में बेटियों के सशक्तिकरण की पहचान बन चुकी है। आर्थिक सहयोग के साथ-साथ यह योजना समाज में यह संदेश दे रही है कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा में निवेश ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। सरकार की इस पहल से न सिर्फ लाखों बालिकाओं का भविष्य संवर रहा है, बल्कि सामाजिक सोच में भी व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।