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सावन के दूसरे सोमवार पड़ रहा सोम प्रदोष व्रत, गौरी-शंकर स्वरूप में भक्तों दर्शन देंगे बाबा काशी विश्वनाथ, उमड़ेगा आस्था का सैलाब

 

वाराणसी। देवाधिदेव महादेव को समर्पित सावन मास का दूसरा सोमवार इस बार बेहद खास रहने वाला है। 10 अगस्त, सोमवार को सावन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पड़ रही है। इसी दिन सोम प्रदोष व्रत भी मनाया जाएगा। सावन सोमवार और सोम प्रदोष के दुर्लभ संयोग को देखते हुए काशी विश्वनाथ धाम में पहले सोमवार की तुलना में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है।

संभावित भीड़ को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मंदिर क्षेत्र से लेकर प्रमुख घाटों और शहर के संपर्क मार्गों पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

गौरी-शंकर स्वरूप में दर्शन देंगे बाबा विश्वनाथ

सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ गौरी-शंकर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। इस विशेष स्वरूप के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देश के अलग-अलग राज्यों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों

से श्रद्धालुओं का वाराणसी पहुंचना शुरू हो गया है।

वहीं, सावन सोमवार से पहले ही कांवड़ियों का काशी पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। शनिवार तक करीब ढाई लाख श्रद्धालुओं के वाराणसी पहुंचने की बात सामने आई है। रविवार शाम तक केसरिया वस्त्र पहने कांवड़ियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

प्रयागराज से गंगाजल लेकर काशी पहुंच रहे कांवरिए

प्रयागराज से काशी की करीब 122 किलोमीटर की दूरी कांवड़िए पैदल तय कर गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचते हैं। कुछ श्रद्धालु करीब 10 घंटे में यह यात्रा पूरी करते हैं, जबकि कई कांवड़िए एक दिन या उससे अधिक समय लेकर काशी पहुंचते हैं।

मान्यता है कि प्रयागराज के पवित्र संगम का जल भगवान शिव को अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। कई श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने के बाद या परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से कांवड़ यात्रा का संकल्प लेते हैं।

दशाश्वमेध, आरपी और राजघाट पर बढ़ सकता है दबाव

रविवार और सोमवार को शहर के प्रमुख घाटों और काशी विश्वनाथ धाम की ओर जाने वाले रास्तों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहने की संभावना है। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक दशाश्वमेध, आरपी और राजघाट क्षेत्र में कांवड़ियों और तीर्थयात्रियों का दबाव अधिक रह सकता है।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने की तैयारी की गई है। पैदल मार्गों और मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।

मैदागिन से गोदौलिया तक नो-व्हीकल जोन

श्री काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के अनुसार, सावन के प्रत्येक सोमवार को मैदागिन से गोदौलिया तक का क्षेत्र नो-व्हीकल जोन रहेगा।

इसके अलावा गोदौलिया से गेट नंबर-4 और मैदागिन से गेट नंबर-4 तक मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले विशिष्ट/अतिविशिष्ट, वृद्ध, दिव्यांग और अशक्त श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा।

सावन सोमवार और सोम प्रदोष के इस विशेष संयोग में काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था को बनाए रखने की बड़ी चुनौती रहेगी।