अखिलेश की ‘स्त्री सम्मान योजना’ पर पूजा पाल का पलटवार, बोलीं- महिलाएं सपा के झांसे में नहीं आएंगी
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले महिलाओं को साधने के लिए ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ का ऐलान किया है। योजना को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने अखिलेश यादव के इस ऐलान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सपा चाहे महिलाओं को लुभाने और बरगलाने की कितनी भी कोशिश कर ले, प्रदेश की महिलाएं उसके झांसे में आने वाली नहीं हैं।
पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समानता को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जो अपने आप में हास्यास्पद है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर अखिलेश यादव किस मुंह से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात कर रहे हैं? उन्हें अपने शासनकाल को याद करना चाहिए, जब सपा सरकार में स्कूल जाने वाली बच्चियों और युवतियों को कथित तौर पर परेशान किए जाने के मामले सामने आते थे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं सपा शासन के उस दौर को आज भी नहीं भूली हैं। उनके मुताबिक, विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही समाजवादी पार्टी महिला कार्ड खेलने की कोशिश कर रही है, लेकिन महिलाएं पिछले अनुभवों को भूलने वाली नहीं हैं।
गेस्ट हाउस कांड का भी किया जिक्र
पूजा पाल ने अपने बयान में बसपा सुप्रीमो मायावती से जुड़े चर्चित गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक दलित महिला मुख्यमंत्री के साथ जिस तरह की घटना हुई थी, उसे पूरा प्रदेश जानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा से जुड़ी महिला नेताओं के साथ भी कई मौकों पर अभद्र व्यवहार के मामले सामने आए हैं।
पूजा पाल ने सपा प्रवक्ता रोली मिश्रा से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब रोली मिश्रा ने अखिलेश यादव को अपना नेता मानते हुए अपनी परेशानी बताई, तब उन्हें क्या न्याय मिला? पूजा पाल ने कहा कि जो नेता अपनी ही महिला प्रवक्ता को अपने कार्यकर्ताओं से नहीं बचा सकता, वह उत्तर प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान कैसे सुनिश्चित करेगा?
डिंपल यादव को लेकर भी साधा निशाना
पूजा पाल ने अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि जब उनकी पत्नी के खिलाफ कथित तौर पर भद्दी टिप्पणी की गई, तब अखिलेश यादव ने क्या कार्रवाई की?
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी पत्नी के अपमान के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठा सकता, वह प्रदेश की करोड़ों महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात कैसे कर सकता है?
‘महिलाएं सपा के झांसे में नहीं आएंगी’
पूजा पाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं अच्छी तरह जानती हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी थी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव को देखते हुए सपा महिलाओं, माताओं और युवाओं को लुभाने के लिए तमाम घोषणाएं कर सकती है, लेकिन जनता उसके पुराने कार्यकाल को नहीं भूली है।
उन्होंने कहा कि सपा को महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करने से पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। पूजा पाल के मुताबिक, प्रदेश की महिलाएं अब किसी राजनीतिक घोषणा के आधार पर नहीं, बल्कि अपने अनुभव और पिछले रिकॉर्ड के आधार पर फैसला करेंगी।