यूपी में मानसून पड़ा सुस्त, फिर उमस भरी गर्मी करेगी बेहाल, आज 22 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है, लेकिन इसका असर अब क्षेत्रवार अलग-अलग देखने को मिल रहा है। गोरखपुर में रविवार शाम से शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। रात करीब एक बजे हुई तेज बारिश से कई सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। हालात का जायजा लेने के लिए मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव स्वयं पानी में उतरकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जल निकासी के तत्काल इंतजाम करने के निर्देश दिए।
सोमवार सुबह अयोध्या, गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के करीब 25 शहरों में बादल छाए रहे, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज धूप और उमसभरी गर्मी का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने पूर्वांचल के 22 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है। पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क हवाओं के कारण मानसूनी बादलों की सक्रियता कम हो गई है। इसके चलते पश्चिमी यूपी में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश की संभावना बेहद कम है और लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 11.1 मिलीमीटर वर्षा का अनुमान था, लेकिन केवल 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, 1 जून से 12 जुलाई तक प्रदेश में कुल 158.8 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम है।
सबसे अधिक वर्षा गोरखपुर में 168 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इसके अलावा बहराइच में 129 मिलीमीटर, अंबेडकर नगर में 125 मिलीमीटर और संतकबीर नगर में 109.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसून का कमजोर पड़ना सामान्य और अस्थायी स्थिति है। उन्होंने बताया कि जैसे ही बंगाल की खाड़ी या अन्य क्षेत्रों में नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होगा, बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो जाएंगी। फिलहाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूप और उमस का असर बना रहेगा, जबकि पूर्वांचल में बारिश की संभावना बनी हुई है।