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राम मंदिर चंदा चोरी केस : चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट, जानें SIT की रिपोर्ट में क्या-क्या?

 

अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी विवाद को लेकर गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट सामने आ गई है। योगी सरकार द्वारा गठित SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी है। शासन को सौंपी गई यह अंतिम रिपोर्ट अब आगे की कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेज दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कुल आठ लोगों के नाम शामिल हैं, जिन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर कई सवाल उठे थे। विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, योगी सरकार के निर्देश पर गठित SIT की अंतिम रिपोर्ट में दोनों की भूमिका को लेकर कोई आरोप साबित नहीं हुआ है।

तीन सदस्यीय SIT ने की जांच

इस मामले की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने किया था। पुलिस महानिरीक्षक (परिक्षेत्र) किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार SIT के अन्य सदस्य थे। टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य तथ्यों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी।

SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को दी थी। इस रिपोर्ट में कई अहम सिफारिशें की गई थीं। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को आठ नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।

इन आठ लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR

श्री राम जन्मभूमि थाने में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई थी। इसमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टीनू को नामजद किया गया था।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही FIR दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ी थी।

अभी खत्म नहीं हुई जांच

हालांकि, इस मामले में जांच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। योगी सरकार द्वारा गठित SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित दूसरी SIT अभी मामले की जांच कर रही है। ऐसे में आगे की जांच और उसके निष्कर्षों पर भी सभी की नजरें बनी हुई हैं।