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राम मंदिर चढ़ावा विवाद : BJP नेता ने PMO को भेजा पत्र, अखिलेश बोले- CCTV फुटेज सार्वजनिक हो

 
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितता को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर इस मुद्दे को उठाते हुए मामले को "चढ़ावा चोरी कांड" बताया और सच्चाई सामने लाने की मांग की।

PMO को भेजा गया पत्र

भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे पत्र में कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और दान से जुड़े किसी भी विवाद पर पारदर्शिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि आरोप सही हैं या गलत, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अखिलेश ने उठाए कई सवाल

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने में क्या दिक्कत है?

उन्होंने पूछा कि आखिर देश की सनातन आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं, कथित तौर पर चढ़ावे में हेराफेरी करने वालों को कौन बचा रहा है और इस पूरे मामले की जिम्मेदारी किसकी है।

अखिलेश ने चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में निजी कंपनियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पूछा कि ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी संस्थाओं को शामिल करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया।

पवन पांडेय के बयान से शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत तब हुई जब सपा के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में 5 से 7 करोड़ रुपये तक की कथित हेराफेरी हुई है। उन्होंने कहा था कि यदि आरोप गलत हैं तो ट्रस्ट के पदाधिकारी सार्वजनिक रूप से इसका खंडन करें और यदि सही हैं तो एफआईआर दर्ज कराई जाए।

ट्रस्ट ने आरोपों को बताया निराधार

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पहले ही इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि मंदिर में आने वाले प्रत्येक दान और चढ़ावे का पूरा लेखा-जोखा रखा जाता है तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित होती है।

कैसे होती है चढ़ावे की गिनती?

राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती बैंक कर्मचारियों द्वारा ट्रस्ट प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाती है। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होती है। गिनती के बाद रकम को रजिस्टर में दर्ज कर सुरक्षित लॉकर में रखा जाता है और बाद में बैंक में जमा कराया जाता है।

ट्रस्ट के अनुसार चढ़ावे की राशि का ऑडिट भी नियमित रूप से कराया जाता है और संबंधित जानकारी ट्रस्ट की बैठकों में साझा की जाती है।

नेताओं के बीच बढ़ी बयानबाजी

मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव राम मंदिर को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के ऐसे आरोप लगाना जनता को गुमराह करने जैसा है।

दूसरी ओर, सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी की सच्चाई सामने आनी चाहिए। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी कहा कि अखिलेश यादव ने जो सवाल उठाए हैं, उन्हें तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।

फिलहाल इस पूरे मामले में आरोप और प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच की मांग पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और विवाद को लेकर आधिकारिक स्तर पर क्या स्थिति स्पष्ट होती है।