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सर्दियों में सड़क हादसों पर लगेगी ब्रेक, इन 10 प्रमुख मार्गों पर रिफ्लेक्टर और रंबल स्ट्रिप लगेंगे

 

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही कोहरे के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य मार्गों पर कम दृश्यता, तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े भारी वाहन दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं। इसे देखते हुए अलीगढ़ में प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की तैयारी की है। ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना के तहत जिले के 10 प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा संबंधी कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए 2.49 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 40 फीसदी राशि आवंटित हो चुकी है।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से 14 अक्टूबर को जारी आदेश में सर्दियों से पहले सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के पहले चरण में चयनित मार्गों पर काम शुरू कराने के लिए निर्माण खंड टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा। इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों को सुरक्षित बनाना और कोहरे के दौरान वाहन चालकों को बेहतर दृश्यता उपलब्ध कराना है।

रिफ्लेक्टर और रंबल स्ट्रिप से मिलेगी राहत

कोहरे में सड़क दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालकों को अक्सर रास्ते का अंदाजा लगाने में परेशानी होती है। ऐसे में सड़कों के किनारे हाई-रिफ्लेक्टिव रेडियम संकेतक लगाए जाएंगे, ताकि कम दृश्यता के दौरान भी रास्ते की पहचान हो सके। इसके अलावा चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों से करीब 50 मीटर पहले रंबल स्ट्रिप बनाई जाएंगी। इन पर वाहन के गुजरने से कंपन महसूस होगा, जिससे चालक सतर्क होकर रफ्तार कम कर सकेंगे।

योजना में सड़क के खतरनाक मोड़ों पर संकेतक लगाने, गड्ढों की मरम्मत करने और जरूरत के अनुसार रेलिंग, बैरीकेडिंग तथा प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने जैसे काम भी शामिल हैं।

## हाईवे किनारे अवैध पार्किंग पर भी नजर

सर्दियों में हाईवे के किनारे बिना इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के खड़े ट्रक, डंपर और दूसरे भारी वाहन हादसों का खतरा बढ़ा देते हैं। इसे कम करने के लिए चिन्हित स्थानों पर साइड पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे खराब या रुके हुए वाहनों को मुख्य सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही डार्क जोन और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे। सड़क किनारे रेलिंग और बैरीकेडिंग के जरिए भी जोखिम कम करने की कोशिश होगी।

सितंबर में 105 हादसे, 48 लोगों की मौत

सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता की वजह दुर्घटनाओं के आंकड़े भी हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अलीगढ़ में सितंबर महीने के दौरान 105 सड़क दुर्घटनाओं में 48 लोगों की जान चली गई। सड़क सुरक्षा ऑडिट में अवैध कट, संकेतकों की कमी और गति नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने जैसी समस्याएं सामने आईं।

इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए इस बार सर्दियों में कोहरा बढ़ने से पहले सड़क सुरक्षा से जुड़े काम पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इन उपायों का वास्तविक असर काम की गुणवत्ता, समय पर क्रियान्वयन और यातायात नियमों के पालन पर भी निर्भर करेगा।

अलीगढ़ के 10 प्रमुख मार्गों पर होगा काम

योजना में अलीगढ़-राया-मथुरा मार्ग और दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग समेत जिले के 10 प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया है। इन मार्गों पर पिछले वर्षों में हुए हादसों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा संबंधी सुधार किए जाने हैं।

लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर विजय सिंह के मुताबिक, शासन की ओर से सड़क सुरक्षा के इंतजाम कराने के लिए मार्गों की सूची भेजी गई है। निर्माण खंड टेंडर प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई करेगा।

योजना के तहत चयनित मार्गों को दुर्घटना मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब देखना होगा कि कोहरे का मौसम शुरू होने से पहले कितने काम पूरे हो पाते हैं और इनसे सड़क हादसों में कितनी कमी आती है।